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Haryana Weather Update: हरियाणा में आसमानी आफत: बारिश और ओलों से गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों में हड़कंप

AAmandeep Singh
हरियाणा में आसमानी आफत: बारिश और ओलों से गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों में हड़कंप
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हरियाणा। हरियाणा में शनिवार को मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी है। सुबह से ही आसमान में बादलों की लुका-छिपी का खेल चल रहा था, लेकिन दोपहर होते-होते अचानक तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने तबाही के संकेत दे दिए। सोनीपत, पानीपत, भिवानी, हिसार, हांसी, सिरसा और कैथल में जमकर मेघ बरसे। हांसी क्षेत्र में तो बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी सोने जैसी फसल को मिट्टी में मिला दिया। हालांकि, इस बारिश से झुलसाने वाली गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत किसी आफत से कम साबित नहीं हो रही।

मंडियों में ‘पीला सोना’ हुआ पानी-पानी, सरकारी इंतजामों की खुली पोल

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यह बारिश उस समय हुई है जब प्रदेश की मंडियों में गेहूं की आवक चरम पर है। कटाई और उठान के इस व्यस्त सीजन में अचानक हुई बरसात ने मंडियों के इंतजामों की कलई खोलकर रख दी है। खुले आसमान के नीचे पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं पानी में तैरता नजर आया। तिरपाल और ढकने की उचित व्यवस्था न होने के कारण किसानों की सालभर की कमाई भीग गई। अब सबसे बड़ा डर फसल की क्वालिटी को लेकर है; गेहूं के दाने की चमक फीकी पड़ने से बाजार में इसका सही दाम मिलना मुश्किल होगा, जिससे किसानों को तगड़ी आर्थिक चपत लगनी तय है।

पारे में आई गिरावट, लेकिन 20 अप्रैल से फिर लौटेगी ‘लू’

शुक्रवार तक प्रदेश के रोहतक, नारनौल, गुरुग्राम और पलवल जैसे शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका था। शनिवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से चैन मिला है। लेकिन यह सुकून ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर अगले 3 से 4 दिनों तक दिखेगा।

अगले 72 घंटे महत्वपूर्ण: कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 अप्रैल को भी प्रदेश के कई हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, 20 अप्रैल के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा और पारा तेजी से चढ़ेगा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फिलहाल फसल की कटाई को रोक दें और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। अगर बारिश का यह सिलसिला और बढ़ा, तो गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया में भी अड़चन आ सकती है।

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