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Haryana Weather Update: हरियाणा में कुदरत का कहर: ओलों ने छीनी अप्रैल की गर्मी, फरवरी जैसी हुई ठंड

AAmandeep Singh
हरियाणा में कुदरत का कहर: ओलों ने छीनी अप्रैल की गर्मी, फरवरी जैसी हुई ठंड
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हरियाणा। हरियाणा में अप्रैल के महीने में जेठ की तपिश की जगह फागुन जैसी ठंडक महसूस हो रही है। उत्तर भारत के पहाड़ों पर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने मैदानी इलाकों, खासकर हरियाणा के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई झमाझम बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने पारे को अर्श से फर्श पर ला दिया है। आलम यह है कि हरियाणा का अधिकतम तापमान सामान्य से 8.1 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है। जो लोग कूलर और एसी चलाने की तैयारी में थे, उन्हें अब सुबह-शाम दोबारा कंबल निकालने की नौबत आ गई है। भिवानी में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम है।

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गेहूं की फसल हुई तबाह, मंडियों में भी संकट

मौसम की इस बेरुखी ने हरियाणा के अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल ओलावृष्टि के कारण बिछ गई है। दाना काला पड़ने और फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता और पैदावार दोनों पर बुरा असर पड़ना तय है।

केवल खेत ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल गेहूं भी इस बेमौसमी बारिश की भेंट चढ़ गया है। किसानों का कहना है कि साल भर की मेहनत पर ऐन वक्त पर कुदरत ने पानी फेर दिया है, जिससे अब लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

महेंद्रगढ़ की रातें हुई ठंडी, अभी और बदलेगा मिजाज

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, न्यूनतम तापमान में भी 3.2 डिग्री की गिरावट आई है। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ में पारा गिरकर 14.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इसे प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल आज मौसम साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन राहत के संकेत अभी कम ही हैं। 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ फिर से दस्तक दे रहा है, जिसके चलते बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हालांकि, 15 अप्रैल के बाद हवाओं का रुख बदलने के साथ ही सूरज अपने असली तेवर दिखाना शुरू करेगा और लोगों को अप्रैल की वास्तविक गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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