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Haryana Weather Update: हरियाणा मौसम अपडेट: 13 अप्रैल से फिर बदलेगा मिजाज, किसानों के लिए अलर्ट जारी

AAmandeep Singh
हरियाणा मौसम अपडेट: 13 अप्रैल से फिर बदलेगा मिजाज, किसानों के लिए अलर्ट जारी
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हरियाणा। हरियाणा के आसमान पर बादलों की लुका-छिपी एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फेरने की तैयारी में है। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि मौसम विभाग ने एक और अलर्ट जारी कर दिया है। 12 अप्रैल की रात से उत्तर भारत के पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने वाला है। इसका सीधा असर 13 और 14 अप्रैल को हरियाणा के मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण मौसम पूरी तरह परिवर्तनशील बना रहेगा।

दिन में ‘जून’ जैसी तपिश और रात में ‘फरवरी’ वाली ठंड

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प्रदेश में इस समय मौसम का अजीबोगरीब दोहराव देखने को मिल रहा है। सुबह सूरज की तपिश पसीना छुड़ा रही है, तो सूरज ढलते ही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं सिहरन पैदा कर रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश के बाद आसमान साफ होने और पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं ने रात के पारे को गोता लगाने पर मजबूर कर दिया है। स्थिति यह है कि राज्य के कई जिलों में रात का तापमान सामान्य के मुकाबले 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। दिन और रात के तापमान में आ रहा यह बड़ा अंतर न केवल स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि फसलों की मैच्योरिटी पर भी असर डाल रहा है।

पानीपत सबसे ठंडा, रात के पारे में भारी गिरावट

तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पानीपत इस समय राज्य में सबसे ठंडा जिला बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। वहीं, रोहतक, हिसार और करनाल जैसे जिलों में भी रात का पारा 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। मौसम विभाग की मानें तो 14 अप्रैल तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से धूल भरी हवाएं और बादलों की गर्जना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कटाई और मड़ाई के बीच किसानों की सांसें अटकीं

अप्रैल का यह पखवाड़ा किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। प्रदेश की मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है और खेतों में कटाई का काम जोरों पर है। ऐसे में मौसम की हर करवट किसानों को डरा रही है। जानकारों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी भी होती है, तो कटी हुई फसल की चमक फीकी पड़ सकती है और नमी के कारण मंडियों में उठान की समस्या पैदा होगी। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध करें।

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