भीषण गर्मी और उमस से बेहाल हरियाणा के लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले तीन-चार दिनों यानी 20 जून तक सूबे में बारिश का यह दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के 17 जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। तपते आसमान और लू के थपेड़ों के बीच मौसम में आया यह बदलाव आम जनजीवन को बड़ी राहत देने वाला है। हालांकि, इस बदलते मौसम ने किसानों की धड़कनें भी बढ़ा दी हैं।
इन जिलों में बरसेगा पानी, यहाँ साफ रहेगा आसमान
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आज जिन जिलों में आसमानी राहत बरसने के आसार हैं, उनमें सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल और करनाल शामिल हैं। इसके अलावा पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ में भी धूलभरी आंधी के साथ बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। बीते कल भी प्रदेश के करीब 10 जिलों में जोरदार आंधी के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
दूसरी तरफ, उत्तर हरियाणा के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहेगा। पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है।
अन्नदाता बरतें सावधानी: कृषि वैज्ञानिकों की खास सलाह
इस बेमौसम की बरसात और तेज हवाओं को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने किसानों को विशेष एहतियात बरतने को कहा है। जिन 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी है, वहां के किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि वे अपनी खड़ी फसलों में फिलहाल सिंचाई का काम रोक दें। साथ ही, फसलों पर किसी भी तरह के कीटनाशक या रासायनिक दवाओं का छिड़काव अभी न करें, क्योंकि बारिश के कारण दवाएं धुल जाएंगी और मेहनत बेकार चली जाएगी।
इसके अलावा, जिन किसानों ने हाल ही में अपनी फसलों की कटाई की है या जिनका अनाज मंडियों और खुले आसमान के नीचे पड़ा है, वे तुरंत मुस्तैद हो जाएं। फसल को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और अन्य सुरक्षित इंतजाम पहले से तैयार रखें ताकि ऐन वक्त पर नुकसान से बचा जा सके।

