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Gehu Kharid Haryana : हरियाणा गेहूं खरीद 2026: 1 अप्रैल से शुरू होगी सरकारी खरीद, मंडियों में लागू हुए ये नए नियम

AAmandeep Singh
हरियाणा गेहूं खरीद 2026: 1 अप्रैल से शुरू होगी सरकारी खरीद, मंडियों में लागू हुए ये नए नियम
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हरियाणा। हरियाणा के अन्नदाताओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद प्रदेश का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पूरी तरह तैयार है। बुधवार को कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने स्पष्ट किया कि इस बार खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ‘ई-खरीद’ पोर्टल को पूरी तरह अपडेट कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि किसान को मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार न करना पड़े और भुगतान सीधे उनके खातों में समय पर पहुंचे।

बिना फोटो और नंबर के नहीं मिलेगा ‘गेट पास’

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इस बार खरीद प्रक्रिया में फर्जीवाड़े और बाहरी गेहूं की आवक रोकने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। मंत्री राजेश नागर के मुताबिक, अब मंडी के आवक गेट (Entry Gate) पर फसल लेकर आने वाले हर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज होगा और वाहन की लाइव फोटो कैप्चर की जाएगी। यदि वाहन का नंबर पोर्टल पर दर्ज नहीं होगा, तो गेट पास जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, सभी 416 मंडियों और खरीद केंद्रों को ‘जियो फेंस (Geo-Fence)’ कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि बोली लगाने से लेकर आई-फार्म जनरेट करने तक का सारा काम मंडी की भौगोलिक सीमा के भीतर ही संभव होगा, जिससे कागजी हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

4 एजेंसियां संभालेंगी मोर्चा, 416 केंद्रों पर होगी तैयारी

प्रदेश में गेहूं की खरीद का जिम्मा चार प्रमुख एजेंसियों—खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड (HAFED), हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI)—को सौंपा गया है। लाडवा मंडी में आढ़तियों और किसानों से सीधा संवाद करते हुए राजेश नागर ने भरोसा दिलाया कि बारदाना, बिजली, पानी और उठान (Lifting) जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों को मंडी में असुविधा हुई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुराने विवादों पर भी नजर: पिहोवा मामले में कार्रवाई तय

निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने पिहोवा में हुए धान घोटाले और गड़बड़ियों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच अंतिम चरण में है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की प्राथमिकता वर्तमान सीजन को विवादों से मुक्त रखने और किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाने की है।

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