Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Heart Attack in Haryana: हरियाणा में हार्ट अटैक का तांडव: 18,000 युवाओं की मौत, विधानसभा में पेश रिपोर्ट ने चौंकाया

AAmandeep Singh
हरियाणा में हार्ट अटैक का तांडव: 18,000 युवाओं की मौत, विधानसभा में पेश रिपोर्ट ने चौंकाया
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा के अखाड़ों और खेतों में पसीना बहाने वाली जवानी अब साइलेंट किलर यानी हार्ट अटैक की गिरफ्त में है। कभी बुढ़ापे की बीमारी माना जाने वाला दिल का दौरा अब 18 से 45 साल के युवाओं को अपना निशाना बना रहा है। विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने जब इस मुद्दे पर सरकार को घेरा, तो जवाब में आए आंकड़ों ने सनसनी फैला दी। रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद से राज्य में अब तक 17,973 युवा दिल का दौरा पड़ने से दम तोड़ चुके हैं। यह संख्या बताती है कि प्रदेश के घरों में मातम का कारण अब कोई बाहरी दुर्घटना नहीं, बल्कि शरीर के भीतर बैठा यह अनजाना खतरा बन गया है।

साल-दर-साल गहराता मौत का साया

विज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव द्वारा सदन में रखे गए आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति की गंभीरता साफ झलकती है। साल 2020 में जहां 2,394 युवाओं की मौत हुई थी, वहीं 2025 तक आते-आते यह आंकड़ा सालाना 3,255 तक पहुंच गया। चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2026 के पहले ही महीने यानी जनवरी में ही 391 युवाओं की धड़कनें हमेशा के लिए रुक गईं। विनेश फोगाट ने इस दौरान यह भी पूछा था कि क्या इन मौतों के पीछे कोरोना संक्रमण या इसके बचाव के लिए लगाई गई वैक्सीन का कोई हाथ है? इस पर सरकार ने दो टूक कहा कि टीकाकरण से इन मौतों का कोई संबंध नहीं है, इसलिए किसी भी विशेष सर्वे की जरूरत नहीं समझी गई।

यमुनानगर बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट: जिलों का हाल

अगर जिलेवार आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो हरियाणा के कुछ जिलों में स्थिति बेहद डरावनी है। जनवरी 2026 की रिपोर्ट बताती है कि यमुनानगर में सबसे ज्यादा 71 युवाओं की मौत हार्ट अटैक से हुई। इसके बाद फरीदाबाद (43), पलवल (37), नूंह (36) और सिरसा (35) का नंबर आता है। औद्योगिक शहरों और ग्रामीण अंचलों, दोनों ही जगहों पर युवाओं का दिल कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि, राहत की बात केवल रोहतक, हिसार और अंबाला से रही, जहां जनवरी के दौरान इस उम्र वर्ग में ऐसी कोई दुखद खबर सामने नहीं आई।

विशेषज्ञों की राय: क्यों कमजोर हो रहा है युवाओं का दिल?

भले ही सरकार ने वैक्सीन के कनेक्शन को नकार दिया हो, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव और खानपान में आए बदलाव को इसकी बड़ी वजह मान रहे हैं। कोरोना के बाद फेफड़ों और रक्त वाहिकाओं में आए सूक्ष्म बदलावों पर भी चर्चा जारी है। हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में जिम कल्चर और सप्लीमेंट्स का बढ़ता चलन भी शक के घेरे में है। सरकार की ओर से पेश इस रिपोर्ट के बाद अब यह मांग उठने लगी है कि युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर कोई ठोस नीति बनाई जाए, ताकि ‘दूध-दही के प्रदेश’ की जवानी को असमय काल के गाल में समाने से बचाया जा सके।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।