Haryana Youth Uttarakhand Tour: सीएम धामी से मिले हरियाणा के युवा, बोले— ‘अब समझ आया उत्तराखंड को क्यों कहते हैं देवभूमि’
सीएम धामी से मिले हरियाणा के युवा, बोले— 'अब समझ आया उत्तराखंड को क्यों कहते हैं देवभूमि'
Haryana Youth Uttarakhand Tour: उत्तराखंड की भौगोलिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियों के बीच विकास का ढांचा कैसे तैयार किया जा रहा है, इसे करीब से समझने तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे हरियाणा के युवाओं के एक अध्ययन दल ने शनिवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। अंतरराज्यीय सांस्कृतिक व विकास संवाद के तहत आए इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ अपने जमीनी अनुभव साझा किए। युवाओं ने खुलकर माना कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी से लेकर स्थानीय आजीविका के क्षेत्र में जो बुनियादी बदलाव पिछले कुछ वर्षों में हुए हैं, वे अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय हैं।
हरियाणा के युवाओं ने बताया कि उन्होंने तीन दिनों के भ्रमण के दौरान राज्य के ग्रामीण और पहाड़ी अंचलों का दौरा कर यह समझा कि सरकारी योजनाओं से आम जनजीवन में क्या सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। युवाओं के मुताबिक, पहाड़ की कठिन चुनौतियों के बावजूद जिस गति से सड़क चौड़ीकरण, डिजिटल कनेक्टिविटी और रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ है, वह काबिल-ए-तारीफ है।
होम-स्टे, स्वच्छ आबोहवा और सोलर रूफटॉप की तारीफ; बोले— ‘महसूस हुआ इसे क्यों कहते हैं देवभूमि’
प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के स्वच्छ पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और स्थानीय निवासियों के आत्मीय व्यवहार की विशेष रूप से प्रशंसा की। युवाओं का कहना था कि राज्य की होम-स्टे नीति ने स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर पलायन रोकने की दिशा में ठोस काम किया है। इसके अलावा सीमांत गांवों (वाइब्रेंट विलेज) में अवस्थापना सुविधाओं का ढांचा खड़ा करना और सोलर रूफटॉप जैसी योजनाओं को पर्वतीय परिस्थितियों के अनुकूल ढालना राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है।
युवाओं ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन स्थलों पर विकसित की गई बेहतर सुविधाओं के कारण ही आज यहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोगात्मक व्यवहार और क्षेत्र के शांत वातावरण ने उन्हें यह अहसास कराया कि इस पावन धरा को वास्तव में ‘देवभूमि’ क्यों कहा जाता है।
‘अतिथि देवो भवः’ हमारी पहचान, युवा बनें हमारे डिजिटल ब्रांड एंबेसडर: सीएम धामी
युवाओं का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘अतिथि देवो भवः’ उत्तराखंड की संस्कृति का मूल मंत्र है। ऐसे अंतरराज्यीय भ्रमण न केवल युवाओं को भारत की बहुसांस्कृतिक विविधता को समझने का मौका देते हैं, बल्कि एक-दूसरे की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) को अपनाने का जरिया भी बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तराखंड आज विकास और विरासत दोनों को एक साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने से लेकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, मिलेट्स (श्रीअन्न) और होम-स्टे पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सीएम धामी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल पर्यटक बनकर न लौटें, बल्कि उत्तराखंड के ‘डिजिटल ब्रांड एंबेसडर’ की जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने कहा कि तीन दिनों में उन्होंने जो कुछ देखा, सीखा और महसूस किया, उसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और हरियाणा के अन्य युवाओं के साथ साझा करें, ताकि दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, संस्कृति और नवाचार का यह सेतु और अधिक मजबूत हो सके।
