Haryana Weather Update: अक्टूबर में भी गर्मी का सितम, कुरुक्षेत्र में साफ हुआ आसमान, महेंद्रगढ़ में पारा 38 डिग्री के करीब पहुंचा
अक्टूबर में भी गर्मी का सितम, कुरुक्षेत्र में साफ हुआ आसमान, महेंद्रगढ़ में पारा 38 डिग्री के करीब पहुंचा
Haryana Weather Update: हरियाणा में अक्टूबर का महीना शुरू होने के बावजूद लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिलती नहीं दिख रही है। मानसून की विदाई और बारिश का दौर थमते ही प्रदेश भर में दिन का पारा लगातार चढ़ रहा है। शुक्रवार को राज्य के औसतन अधिकतम तापमान में गुरुवार की तुलना में 0.6 डिग्री सेल्सियस का इजाफा दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में बारिश न होने और खिली हुई धूप निकलने के कारण दोपहर के समय पसीने छुड़ाने वाली गर्मी का अहसास हो रहा है।
मौसम विभाग द्वारा 2 अक्टूबर को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, महेंद्रगढ़ 37.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पूरे प्रदेश में सबसे गर्म दर्ज किया गया। इसके अलावा हिसार में पारा 37.5 डिग्री, नूंह में 37.1 डिग्री और सिरसा में 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राष्ट्रीय राजधानी से सटे गुरुग्राम में 35.2 डिग्री और फरीदाबाद में 36.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि अंबाला (34.3°C), करनाल (33.8°C) और पंचकूला (32.5°C) में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा नियंत्रित रहा।
अगले 5 दिन शुष्क रहेगा मौसम, 7-8 अक्टूबर को मिल सकती है हल्की राहत
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। इस दौरान विभाग की ओर से किसी भी तरह की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट से हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दिन में तेज धूप के कारण तापमान भले ही बढ़ा हुआ हो, लेकिन सुबह और रात के समय में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। रात का न्यूनतम तापमान अब 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटने लगा है। 28 सितंबर को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद से सुबह और शाम की हवा में गुलाबी ठंडक महसूस होने लगी है। दिन और रात के तापमान में आ रहा यह अंतर बता रहा है कि प्रदेश में जल्द ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
धान की कटाई में आएगी तेजी, किसानों और मंडियों के लिए राहत के संकेत
मौसम के शुष्क रहने का सबसे बड़ा फायदा राज्य के किसानों को मिलने जा रहा है। कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और अंबाला जैसे प्रमुख धान उत्पादक जिलों में बारिश थमने से खेतों में पानी और नमी का स्तर कम हुआ है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. दर्शन के अनुसार, साफ आसमान रहने से कंबाइन मशीनों के जरिए धान की कटाई का काम अब बिना किसी बाधा के गति पकड़ सकेगा।
कटाई के बाद किसानों को धान की फसल को सुखाने और उसे नमी मुक्त करने में आसानी होगी, जिससे फसल के खराब होने का जोखिम काफी घट जाएगा। इसके साथ ही खेतों से अनाज मंडियों तक धान का परिवहन भी सुचारू रूप से शुरू हो चुका है। आने वाले एक हफ्ते के भीतर प्रदेश की तमाम अनाज मंडियों में पीआर और बासमती धान की आवक में भारी उछाल देखने को मिलेगा।
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