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Haryana Rajya Sabha Cross Voting: हरियाणा में बड़ी सियासी टूट: क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस विधायक के बेटे ने पिता से तोड़े सारे रिश्ते

AAmandeep Singh
हरियाणा में बड़ी सियासी टूट: क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस विधायक के बेटे ने पिता से तोड़े सारे रिश्ते
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हरियाणा। हरियाणा की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जारी ‘आया राम-गया राम’ के खेल ने अब पारिवारिक रिश्तों की दहलीज लांघ दी है। राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद मचे घमासान के बीच पलवल जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसने सियासी हलकों में खलबली मचा दी। हथीन विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल के बेटे नाजिम चौधरी ने अपने पिता से सारे संबंध तोड़ने की घोषणा कर दी है। नाजिम का आरोप है कि उनके पिता ने कांग्रेस पार्टी और उन हजारों समर्थकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है, जिन्होंने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा था।

“विपक्ष के विधायक के घर अचानक अफसरों की चहल-पहल क्यों?”

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नाजिम चौधरी ने मीडिया के सामने आकर पिता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव के बाद से ही घर का नजारा बदल गया है। नाजिम के मुताबिक, “ईद के मौके पर जिले के डीसी और एसपी खुद हमारे घर आए, जबकि आमतौर पर विपक्ष के विधायकों के तो फोन तक नहीं उठाए जाते।” इतना ही नहीं, विधायक पिता की सुरक्षा अचानक बढ़ा दी गई है, जो नाजिम की नजर में किसी बड़ी ‘डील’ की ओर इशारा करती है। इन्हीं घटनाक्रमों को आधार बनाकर नाजिम ने फैसला लिया कि वे अब उस घर का हिस्सा नहीं रहेंगे जहां विचारधारा से समझौता किया गया हो।

कानूनी तौर पर भी तोड़ेंगे नाता, संपत्ति पर दावा छोड़ा

यह मामला महज एक भावनात्मक बयान तक सीमित नहीं है। नाजिम चौधरी ने स्पष्ट किया कि वे पिता से अलग होने के लिए तमाम कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझ पर सिर्फ पिता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उन परिवारों की भी जिम्मेदारी है जो पीढ़ियों से हमारे साथ जुड़े हैं।” नाजिम ने अपने नाम की प्रॉपर्टी वापस परिवार के नाम करने का मन बना लिया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि यह कोई ‘पॉलिटिकल स्टंट’ नहीं है, बल्कि उस जनता के विश्वास को बचाने की कोशिश है जिसे क्रॉस वोटिंग के जरिए ठेस पहुंचाई गई है।

राहुल गांधी की विचारधारा के लिए संघर्ष का संकल्प

पिता से बगावत करने के बाद नाजिम चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति अपनी अटूट आस्था जताई है। उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ और भाईचारे के संदेश से प्रभावित हैं और अब अपनी राह खुद चुनेंगे। नाजिम के इस कदम ने विधायक मोहम्मद इसराइल की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है। एक तरफ जहां उन्हें कांग्रेस आलाकमान के ‘कारण बताओ नोटिस’ का जवाब देना है, वहीं दूसरी तरफ घर के भीतर से उठी इस बगावत ने उनकी सामाजिक साख पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि हथीन की जनता इस पारिवारिक और राजनीतिक ड्रामे को किस नजरिए से देखती है।

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