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हाईकोर्ट ने रद्द की HPSC असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश भर्ती: 613 पद के लिए 151 हुए थे पास, युवाओं के लंबे आंदोलन के बाद राहत

VVinita Kohli
हाईकोर्ट ने रद्द की HPSC असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश भर्ती: 613 पद के लिए 151 हुए थे पास, युवाओं के लंबे आंदोलन के बाद राहत
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चंडीगढ़: हरियाणा में कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब बड़े फैसले तक पहुंच गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की भर्ती संख्या 48/2024 को रद्द कर दिया है। यह फैसला भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया। अभ्यर्थियों ने कोर्ट में आयोग द्वारा लागू किए गए 35 प्रतिशत क्वालिफाइंग क्राइटेरिया को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह नियम यूजीसी गाइडलाइन के अनुरूप नहीं है। भर्ती प्रक्रिया में कुल 613 पद निर्धारित थे, लेकिन परीक्षा में शामिल 2143 उम्मीदवारों में से केवल 151 ही सफल घोषित किए गए थे। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न पर लगातार सवाल उठ रहे थे।

613 पदों के मुकाबले केवल 151 उम्मीदवार पास

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HPSC ने दिसंबर महीने में कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश विषय के मेंस एग्जाम का परिणाम जारी किया था। परिणाम सामने आने के बाद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। भर्ती परीक्षा में कुल 2143 उम्मीदवार शामिल हुए थे, लेकिन इनमें से केवल 151 उम्मीदवार ही पास हो पाए। सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर खड़ा हुआ कि 613 पदों के मुकाबले जरूरी संख्या में उम्मीदवार भी क्वालिफाई नहीं कर पाए। अभ्यर्थियों का आरोप था कि आयोग ने सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में 35 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता लगाकर चयन प्रक्रिया को असामान्य रूप से कठिन बना दिया। युवाओं का कहना था कि यह नियम यूजीसी के तय मानकों से मेल नहीं खाता।

35 प्रतिशत क्राइटेरिया बना विवाद की वजह

भर्ती विवाद का मुख्य कारण HPSC का 35 प्रतिशत क्वालिफाइंग क्राइटेरिया रहा। आयोग ने सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य किया था। इसी नियम के चलते बड़ी संख्या में उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया कि यूजीसी गाइडलाइन में इस तरह की बाध्यता का प्रावधान नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी इस नियम पर सवाल उठाए और अंततः भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया। फैसले के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने राहत की भावना जताई है।

पंचकूला में 4 महीने तक चला आंदोलन

भर्ती परिणाम आने के बाद पंचकूला में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी रहा। उम्मीदवार पिछले चार महीनों से धरना स्थल पर बैठकर 35 प्रतिशत क्राइटेरिया हटाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना था कि आयोग ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती। धरने को कांग्रेस, इनेलो और जजपा जैसे राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला। कई विपक्षी नेताओं ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी युवाओं से मुलाकात की और सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

17 फरवरी को कांग्रेस ने भी पंचकूला में HPSC के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और विधायक वरुण मुलाना शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। इस दौरान प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कुछ नेताओं को हिरासत में भी लिया गया। इस घटना ने भर्ती विवाद को और अधिक राजनीतिक बना दिया था।

विधानसभा घेराव के दौरान बढ़ा तनाव

भर्ती को लेकर नाराज युवाओं ने बजट सत्र के दौरान हरियाणा विधानसभा का घेराव भी किया था। चंडीगढ़ में विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई थी। बाद में पुलिस ने कई युवाओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर थाने पहुंचाया। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। प्रदेश के 17 युवाओं को नोटिस भी जारी किए गए थे। आंदोलनकारी लगातार भर्ती प्रक्रिया रद्द करने और नए नियमों के तहत दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब HPSC को भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया निर्णय लेना होगा। संभावना जताई जा रही है कि आयोग नई गाइडलाइन और कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा। अभ्यर्थियों की नजर अब इस बात पर है कि क्या भर्ती दोबारा आयोजित होगी या चयन प्रक्रिया में संशोधन किया जाएगा। इस फैसले ने हरियाणा में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। युवाओं का कहना है कि भविष्य में भर्ती नियम तय करते समय यूजीसी मानकों और अभ्यर्थियों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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