Himachal Congress protest: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने गुरुवार को सभी जिला मुख्यालयों पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिल्ली में 7 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। ऊना में हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ, जबकि सोलन समेत दूसरे जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और कई जगह उनका पुतला भी जलाया। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ऊना में रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में इस दिन को काला दिवस के तौर पर मना रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और लोगों के बीच जाकर अपनी बात रखेगी। रजनी पाटिल ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि बीजेपी ने उन्हें ‘पप्पू’ साबित करने और बदनाम करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा, “राहुल पप्पू नहीं, पापा है।” उनका यह बयान प्रदर्शन के दौरान चर्चा में रहा। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना में कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को कांग्रेस प्रदेश के लोगों तक पहुंचाएगी। अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि ऊना में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
SIR और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस का चुनाव आयोग से जवाब मांगना
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उनकी मुख्य चिंता वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाने या उसमें संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने पर वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से SIR की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बरतने और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। शिमला जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत ने कहा कि कांग्रेस आज ब्लैक-डे मना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 6 और 7 अक्टूबर को कांग्रेस सांसद दिल्ली में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें जबरन हटाया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इंद्रजीत ने कहा कि दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी दोहराई।
दिल्ली में हिरासत के बाद हिमाचल में प्रदर्शन
हिमाचल कांग्रेस का यह प्रदर्शन दिल्ली में 6 और 7 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सांसद SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस के मुताबिक, 7 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला लिया। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर हुए प्रदर्शनों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की चिंताओं का जवाब दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को वह प्रदेश स्तर पर भी उठाती रहेगी। वहीं, पार्टी नेताओं ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक विरोध से जुड़ा मुद्दा बताया।

