कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत कांगड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के कथित सरगना अभिषेक सहोता से जुड़े सिंडिकेट पर कार्रवाई करते हुए तीन और प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये आरोपी नेटवर्क के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और मादक पदार्थों की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। जिला पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि सहोता नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, वित्तीय रिकॉर्ड और पूछताछ से जुटाए गए तथ्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तैयार किया गया ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई से पहले नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं की विस्तार से जांच की गई। मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर नेटवर्क की गतिविधियों को समझा गया। पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय सदस्यों की पहचान की और उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई की योजना तैयार की।
पंजाब और चंडीगढ़ में एक साथ हुई छापेमारी
तीन मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए कांगड़ा पुलिस ने तीन अलग-अलग सीआईए टीमों का गठन किया। इन टीमों को पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न स्थानों पर भेजा गया, जहां संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। 5 जून को तीनों टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार समन्वित कार्रवाई के चलते आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला और उन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। इस अभियान को ऑपरेशन नया सवेरा की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कपूरथला, जालंधर और चंडीगढ़ से हुई गिरफ्तारियां
पहले आरोपी की पहचान गौरव सहोता के रूप में हुई है, जिसे पंजाब के कपूरथला जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है और वह जांच एजेंसियों के रडार पर था। दूसरे आरोपी हनी पुत्र सोमनाथ को जालंधर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वहीं तीसरे आरोपी हनी कुमार को चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित मोटर मार्केट क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि तीनों की भूमिका नेटवर्क में अलग-अलग स्तर पर महत्वपूर्ण रही है।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। विशेष रूप से हनी कुमार के खिलाफ पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नेटवर्क का संचालन कितने समय से किया जा रहा था और इसके तार किन अन्य राज्यों तक जुड़े हुए हैं। इसके लिए कई एजेंसियों से भी जानकारी साझा की जा रही है।
कांगड़ा पुलिस की जांच में ड्रग्स तस्करी से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन और निवेश के तरीकों की गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित अवैध कमाई को किन माध्यमों से संपत्तियों, व्यवसायों या अन्य निवेशों में लगाया गया। अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

