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Himachal Pradesh Weather: हिमाचल में बारिश से भारी तबाही, 85 मकान पूरी तरह ढहे, अब तक 205 लोगों की मौत

VVinita Kohli
Himachal Pradesh Weather: हिमाचल में बारिश से भारी तबाही, 85 मकान पूरी तरह ढहे, अब तक 205 लोगों की मौत

हिमाचल में बारिश से भारी तबाही

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Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक करीब 1,033 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान होने का अनुमान है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग यानी PWD का है। PWD को करीब 750 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। इस बीच मौसम विभाग ने 20 और 21 अगस्त को बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सतर्कता जरूरी बताई है। प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक 205 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 121 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया है।

 

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1,033 करोड़ की संपत्ति को नुकसान, PWD सबसे ज्यादा प्रभावित

बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का सबसे बड़ा असर सरकारी बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, PWD को करीब 750 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे सड़कों और अन्य निर्माण से जुड़े ढांचे पर आपदाओं का असर साफ दिखाई देता है। सड़कें हिमाचल के पहाड़ी इलाकों की जीवनरेखा हैं। ऐसे में लगातार बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त होने, भूस्खलन और अचानक मलबा आने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।

 

205 मौतें, 85 मकान पूरी तरह ढहे

मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं और अन्य संबंधित घटनाओं में अब तक 205 लोगों की मौत हुई है। इनमें 121 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं, जबकि बारिश, बाढ़, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक घटनाओं ने भी लोगों की जान ली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 85 मकान पूरी तरह ढह चुके हैं। 323 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जबकि 14 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। मकानों को हुए नुकसान का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ा है, जिन्हें बारिश के दौरान सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ सकता है और दोबारा घर खड़ा करने का आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है।

 

आज और कल बारिश का दौर जारी रहने की संभावना

मौसम विभाग के 20 अगस्त के हिमाचल बुलेटिन के मुताबिक, राज्य में 20 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है। 21 अगस्त को भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। IMD ने 20 और 21 अगस्त के लिए हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की है। इसके बाद 22 अगस्त से मौसम में सुधार की संभावना है और 22 से 26 अगस्त तक के लिए इस बुलेटिन में कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है। बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना रहता है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे जाने, संवेदनशील ढलानों पर रुकने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचना लोगों के लिए सुरक्षित रहेगा।

 

22 अगस्त से कमजोर पड़ सकता है मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, 22 अगस्त से हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद 25 अगस्त तक किसी भी जिले के लिए मौसम संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि चेतावनी नहीं होने का मतलब पूरी तरह बारिश बंद होना नहीं है। कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है, लेकिन भारी बारिश से जुड़ी गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

 

सामान्य से 7 फीसदी कम बारिश, फिर भी नुकसान बड़ा

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य से 7 फीसदी कम रही है। 1 जून से 19 अगस्त के बीच राज्य में सामान्य तौर पर 535.4 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 500.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश कुल मिलाकर सामान्य से कम रहने के बावजूद कई इलाकों में कम समय में हुई तेज बारिश ने बड़ा नुकसान किया है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बारिश की कुल मात्रा से ज्यादा उसका स्थानीय स्तर पर समय, तीव्रता और भूस्खलन जैसी घटनाओं से जुड़ना सड़क, घर और दूसरी संपत्तियों के लिए खतरा बढ़ाता है।

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