Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Hisar Airport New Flights: हिसार एयरपोर्ट की बड़ी कामयाबी: 1 साल में 1000 उड़ानें पूरी, अब जम्मू-अहमदाबाद की बारी

AAmandeep Singh
हिसार एयरपोर्ट की बड़ी कामयाबी: 1 साल में 1000 उड़ानें पूरी, अब जम्मू-अहमदाबाद की बारी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हिसार। महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा, हिसार महज एक साल के भीतर उत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में उभरकर सामने आया है। 14 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद से अब तक यहाँ से 1000 से अधिक उड़ानों का सफल संचालन किया जा चुका है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या और विमानों की आवाजाही ने उड्डयन विभाग के उत्साह को दोगुना कर दिया है। इसी कड़ी में तकनीकी सुविधाओं को दुरुस्त करते हुए अब एयरपोर्ट पर ‘नॉन-प्रिसिजन रनवे विजुअल रेंज’ (RVR) सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है, जिससे खराब मौसम या धुंध के दौरान भी 1800 मीटर की विजिबिलिटी पर विमानों की लैंडिंग संभव होगी।

विज्ञापन

जम्मू और अहमदाबाद की उड़ानों पर क्यों फंसा है पेंच?

हिसार से अहमदाबाद और जम्मू जाने वाले यात्रियों का इंतजार थोड़ा लंबा खिंच गया है। दरअसल, राज्य सरकार और एलायंस एयर के बीच दो साल पहले पांच रूटों के लिए समझौता हुआ था। इनमें से चंडीगढ़, अयोध्या और जयपुर के लिए तो फ्लाइट्स शुरू हो गईं, लेकिन जम्मू और अहमदाबाद का रूट ठंडे बस्ते में चला गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो विमानन कंपनी के पास पर्याप्त बेड़े (Aircrafts) उपलब्ध न होना इसकी सबसे बड़ी वजह रही है। अब मई-जून के नए समर शेड्यूल से पहले हरियाणा सरकार कंपनी के प्रबंधन के साथ अंतिम दौर की बातचीत करने जा रही है।

चंडीगढ़ वाली फ्लाइट का जम्मू तक हो सकता है विस्तार

नागरिक उड्डयन विभाग अब इन रूटों को व्यवहारिक बनाने के लिए नए विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। चर्चा है कि हिसार से चंडीगढ़ जाने वाली फ्लाइट को ही आगे जम्मू तक विस्तारित (Extend) किया जा सकता है। वहीं, अहमदाबाद के लिए सीधी उड़ान शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने स्पष्ट किया है कि इन शहरों के लिए कागजी तैयारियां लगभग पूरी हैं और कंपनी के साथ बैठक के बाद जल्द ही बुकिंग विंडो खोलने पर फैसला लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य न केवल इन लंबित रूटों को चालू करना है, बल्कि आने वाले समय में अन्य बड़े व्यापारिक केंद्रों को भी हिसार से जोड़ना है।

विज्ञापन

हिसार की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।