Hisar Crime: हिसार रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार शाम एक छोटी सी कहासुनी ने खौफनाक रूप ले लिया, जब सालासर धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के जत्थे पर कुछ बदमाशों ने ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला बोल दिया। इस सनसनीखेज वारदात में सिरसा जिले के जोधकां गांव निवासी 25 वर्षीय करण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके तीन साथी मोनू, राहुल और शुभम गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस वीभत्स घटना के बाद से जीआरपी थाने में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है। मृतक के भाई अर्जुन गिरी की शिकायत पर पुलिस ने शास्त्री नगर के मोहित चौहान, अरुण वाल्मीकि, जेल क्वार्टर के रितिक और 6-7 अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या और बलवे समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
ट्रेन में हुए विवाद की खौफनाक रंजिश
मृतक के भाई अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई करण सिरसा में आईटीआई का छात्र था और अपने साथियों के साथ गत 18 अक्टूबर को पैदल सालासर धाम गया था। वापसी के दौरान 23 अक्टूबर को जब वे ट्रेन से लौट रहे थे, तब हिसार के शास्त्री नगर के कुछ युवक डिब्बे के भीतर जोर-जोर से भोंपू बजाकर यात्रियों को लगातार परेशान कर रहे थे।
ट्रेन में सो रहे यात्रियों और करण के साथियों ने जब इस हुड़दंग का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी उल्टे बहस पर उतर आए। बात इतनी बढ़ गई कि बदमाशों ने खुलेआम धमकी दे डाली कि वे हिसार स्टेशन आने पर देख लेंगे। जैसे ही ट्रेन हिसार रेलवे स्टेशन पर रुकी और यात्री बाहर निकलने लगे, स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर चाकुओं से हमला कर दिया।
ओवरब्रिज से पार्किंग तक बिखरे मिले खून के छींटे
हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 की सीढ़ियों से लेकर फुट ओवरब्रिज और बाहर पार्किंग एरिया तक खून के छींटे और खून से सनी चप्पलें बिखरी पड़ी थीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाना प्रभारी उप-निरीक्षक रणबीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और ‘सीन ऑफ क्राइम’ टीम की इंचार्ज डॉ. पूनम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। पुलिस ने मौके से जांच के दौरान एक 35 सेंटीमीटर लंबा चाकू भी बरामद किया है, जिसका फन 19 सेंटीमीटर और हत्था 16 सेंटीमीटर का है। कुल 8 अहम सबूतों को कब्जे में लेकर पुलिस यह खंगाल रही है कि रेलवे परिसर में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
रोते बिलखते परिवार की मांग- आरोपियों को मिले फांसी
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का गुजारा करने वाले पिता राजेंद्र कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है।
उन्होंने फौजी अंदाज में याद करते हुए बताया कि करण इससे पहले भी तीन बार पैदल सालासर जा चुका था और इस बार उन्होंने उसे जाने से मना भी किया था, लेकिन वह अपनी मां से जिद करके दोस्तों के साथ निकल गया था। परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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