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Hisar South Bypass News: हिसार में विकास की नई रफ्तार: 40 साल से बंद माइनर पर बिछेगी तारकोल, डाबड़ा-लाडवा को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

AAmandeep Singh
हिसार में विकास की नई रफ्तार: 40 साल से बंद माइनर पर बिछेगी तारकोल, डाबड़ा-लाडवा को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
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हिसार। हिसार शहर की सीमाओं का विस्तार और बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। शहर के दक्षिणी हिस्से को बड़ी राहत देते हुए अब साउथ बाईपास से डाबड़ा गांव तक एक नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क उस जमीन पर बनेगी जहाँ पिछले 40 सालों से एक पुरानी माइनर (नहर की छोटी शाखा) बंद पड़ी थी। मुख्यालय से इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। करीब 1.5 किलोमीटर लंबा यह मार्ग न केवल दूरी घटाएगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगा।

30 मिनट का चक्कर अब 5 मिनट में होगा पूरा

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वर्तमान में डाबड़ा और लाडवा गांव के हजारों ग्रामीणों को साउथ बाईपास तक पहुँचने के लिए शहर के मुख्य रास्तों और भीड़भाड़ वाले तोशाम रोड का चक्कर काटना पड़ता है। पीक ऑवर्स में इस सफर में अक्सर आधा घंटा या उससे भी ज्यादा समय बर्बाद हो जाता है। नई सड़क बनने के बाद यह दूरी कौड़ियों के भाव रह जाएगी और लोग मात्र 5 मिनट में बाईपास पहुँच सकेंगे। इस शॉर्टकट के शुरू होने से तोशाम रोड पर लगने वाले वाहनों के लंबे जाम से भी शहरवासियों को निजात मिलेगी।

टेंडर प्रक्रिया और एनओसी की तैयारी तेज

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 3.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के साथ ही अब धरातल पर काम शुरू करने की तैयारी है। विभाग ने वन विभाग (Forest Department) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे ही एनओसी की औपचारिकता पूरी होगी, सड़क का टेंडर अलॉट कर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह सड़क मार्ग तैयार होने के बाद आसपास के इलाके में कमर्शियल और रिहायशी प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल आएगा।

शहर के मास्टर प्लान में अहम भूमिका

हिसार के साउथ बाईपास को जोड़ने वाली यह नई कड़ी शहर के बाहरी रिंग रोड के कांसेप्ट को और मजबूती देगी। डाबड़ा और लाडवा गांव के सीधे जुड़ाव से दुग्ध उत्पादकों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिन्हें रोजाना शहर के ट्रैफिक से जूझना पड़ता था। जानकारों की मानें तो इस सड़क के बनने से शहर के अंदरूनी हिस्सों में भारी वाहनों की एंट्री कम होगी, जिससे प्रदूषण और हादसों के ग्राफ में भी गिरावट आने की उम्मीद है।

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