Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Hisar South Bypass Street Lights: सवा करोड़ की लागत से जगमगाया हिसार का साउथ बाईपास

AAmandeep Singh
सवा करोड़ की लागत से जगमगाया हिसार का साउथ बाईपास
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हिसार। हिसार के बुनियादी ढांचे में एक और चमकदार अध्याय जुड़ गया है। शहर के दक्षिणी छोर को जोड़ने वाले साउथ बाईपास से हिंदवान मोड़ तक का फोरलेन मार्ग, जो अब तक सूरज ढलते ही अंधेरे के आगोश में समा जाता था, अब दूधिया रोशनी से नहाया हुआ नजर आएगा। प्रशासन ने इस 5 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया है। सवा करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से तैयार इस परियोजना का उद्देश्य केवल शहर की सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि उन वाहन चालकों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है जो रात के वक्त इस रूट का उपयोग करते हैं।

हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ अब बनेगा सुरक्षित सफर का रास्ता

विज्ञापन

हिसार नगर निगम की लाइटिंग व्यवस्था पहले केवल साउथ बाईपास के शुरुआती हिस्से तक ही सिमटी हुई थी। इसके आगे हिंदवान मोड़ तक का रास्ता पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता था। पर्याप्त रोशनी न होने की वजह से यह हिस्सा धीरे-धीरे ‘एक्सीडेंट प्रोन जोन’ बनता जा रहा था। आवारा पशुओं के अचानक सामने आने या सड़क के मोड़ न दिखने के कारण यहां अक्सर छोटे-बड़े हादसे होते रहते थे। PWD अधिकारियों का कहना है कि अब आधुनिक लाइट पोल और हाई-इंटेंसिटी एलईडी बल्ब लगने से रात के समय भी दिन जैसा अहसास होगा, जिससे ड्राइवरों को दूर तक स्पष्ट दिखाई देगा और हादसों के ग्राफ में गिरावट आएगी।

स्थानीय निवासियों और मुसाफिरों ने ली राहत की सांस

इस बदलाव का सबसे सकारात्मक असर आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों के लोगों पर पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंधेरा होने के कारण इस रोड पर अकेले गुजरने में डर लगता था, लेकिन अब पूरी सड़क रोशन होने से सुरक्षा की भावना बढ़ी है। रात के समय ड्यूटी से घर लौटने वाले कर्मचारियों और लंबी दूरी के ट्रक ड्राइवरों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं है। अब वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की हाई-बीम लाइटों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे सामने से आने वाले वाहनों को भी असुविधा नहीं होगी।

प्रशासन की अगली रणनीति: मेंटेनेंस और विस्तार

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा के तय मानकों के आधार पर पूरा किया गया है। विभाग का अगला लक्ष्य इन लाइटों के नियमित रखरखाव (Maintenance) को सुनिश्चित करना है ताकि बारिश या तकनीकी खराबी के दौरान यह व्यवस्था ठप न हो। साथ ही, चर्चा है कि भविष्य में इस तरह की लाइटिंग व्यवस्था का विस्तार जिले के अन्य महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों पर भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रदेश के हर मुख्य बाईपास को ‘स्मार्ट और सेफ’ बनाने की दिशा में यह हिसार का एक बड़ा कदम है।

विज्ञापन

हिसार की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।