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महिला आरक्षण अधिनियम को अधिसूचित किए बिना मंत्री संशोधन कैसे लाई सरकार: विपक्ष

VVinita Kohli
महिला आरक्षण अधिनियम को अधिसूचित किए बिना मंत्री संशोधन कैसे लाई सरकार: विपक्ष
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नई दिल्ली: महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर लोकसभा में शुक्रवार को तीखी बहस हुई, जब विपक्षी सदस्यों ने 2023 में पारित कानून को लागू करने से पहले संशोधन विधेयक लाने पर सरकार से जवाब मांगा। सदन की कार्यवाही के दौरान आवश्यक कागजात रखे जाने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने इस मुद्दे को उठाया और प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। यह पूरा मामला संसद में बृहस्पतिवार रात जारी अधिसूचना से जुड़ा है, जिसे लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई।

अधिसूचना पर उठा विवाद

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कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि बिना अधिसूचना के किसी कानून में संशोधन कैसे लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विधि मंत्रालय ने बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे अधिसूचना जारी की, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि संशोधन प्रक्रिया उससे पहले कैसे शुरू हुई। इस पर उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

कनिमोझि ने जताई हैरानी

द्रमुक सांसद कनिमोझि ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पहले कानून को अधिसूचित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने रात 10 बजे अधिनियम लागू किया, तो उसी पर तुरंत चर्चा कराना प्रक्रियात्मक रूप से सही नहीं है। उनके मुताबिक यह संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

सरकार से मांगा गया जवाब

विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में मौजूद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। उनका कहना था कि संसद में विधायी प्रक्रिया पारदर्शी और स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे और सभी सदस्यों को पूरी जानकारी मिले।

सरकार का पक्ष क्या है

सरकार के अनुसार महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को बृहस्पतिवार रात अधिसूचित किया गया ताकि प्रस्तावित संशोधन को लागू किया जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि जब तक कानून प्रभावी नहीं होता, तब तक उसमें संशोधन लागू नहीं किया जा सकता। इसलिए अधिसूचना जारी करना जरूरी था।

तकनीकी कारण और स्थिति

संविधान संशोधन विधेयक पहले ही पारित होकर कानून बन चुका था, लेकिन अधिसूचना के अभाव में वह लागू नहीं हो पाया था। सरकार का कहना है कि इसी कारण यह संविधान का हिस्सा नहीं बन सका था और संशोधन को प्रभावी बनाने के लिए पहले इसे लागू करना आवश्यक था।

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