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HRERA Action: टीडीआई बिल्डर के एमडी कमल तनेजा समेत 5 डायरेक्टरों को 3 महीने की जेल, हरेरा का बड़ा एक्शन

AAmandeep Singh
HRERA Action: टीडीआई बिल्डर के एमडी कमल तनेजा समेत 5 डायरेक्टरों को 3 महीने की जेल, हरेरा का बड़ा एक्शन
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पानीपत। रियल एस्टेट सेक्टर में मनमानी करने वाले बिल्डरों पर नकेल कसते हुए हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (हरेरा) पंचकूला ने एक बड़ा और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। ऑथोरिटी के आदेशों की लगातार अनदेखी और ग्राहकों के साथ वादाखिलाफी करने के मामले में हरेरा ने टीडीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) कमल तनेजा समेत कंपनी के 5 शीर्ष निदेशकों को 3 महीने की दीवानी कैद की सजा सुनाई है। ऑथोरिटी के इस सख्त रवैये से रियल एस्टेट बाजार में हड़कंप मच गया है।

साल 2019 से लटके मामले में आया फैसला, वित्तीय संसाधन होने पर भी नहीं दी राहत

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यह पूरा मामला साल 2019 से जुड़ा है, जिसमें पीड़ित खरीदार नरेंद्र कुमार ने टीडीआई कंपनी के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। मामले की लंबी सुनवाई के बाद हरेरा के सदस्य चंदर शेखर की पीठ ने 31 अक्टूबर 2025 और फिर इसी साल 24 अप्रैल 2026 को टीडीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को शिकायतकर्ता के पक्ष में बकाया राशि का भुगतान करने का अंतिम आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि पर्याप्त वित्तीय संसाधन और पैसा होने के बावजूद कंपनी और उसके प्रमोटरों ने जानबूझकर पीड़ित को राहत राशि नहीं दी और कोर्ट के आदेश को हवा में उड़ाया।

न जुर्माना भरा, न खुद पेश हुए; ऑथोरिटी ने खारिज किया हर बहाना

अदालती कार्यवाही के दौरान सामने आया कि हरेरा ने इस ढीले रवैये को लेकर कंपनी के निदेशकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा था। इसके बावजूद न तो इन अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब दाखिल किया और न ही शिकायतकर्ता के पैसे लौटाए। हद तो यह रही कि ऑथोरिटी द्वारा कंपनी पर लगाया गया ₹10 हजार का जुर्माना और शिकायतकर्ता को देय ₹5 हजार का हर्जाना भी बिल्डर ने जमा नहीं कराया। इसके बाद ऑथोरिटी ने कंपनी के सभी बचावों और बहानों को सिरे से खारिज करते हुए एमडी कमल तनेजा, देवकी नंदन तनेजा, रविंद्र कुमार तनेजा, रेनू तनेजा और वेद प्रकाश को सीधे तौर पर दोषी करार दिया।

₹100 प्रतिदिन के भत्ते पर जारी हुआ वारंट, 3 महीने सलाखों के पीछे

इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए हरेरा ने तकनीकी कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हरियाणा जेल नियम, 2022 के नियम 332 का हवाला देते हुए ऑथोरिटी ने निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार को 10 जुलाई से पहले इन कामकाजी निदेशकों के लिए ₹100 प्रति दिन प्रति निदेशक के हिसाब से गुजारा भत्ता (सिविल प्रिजन डाइट मनी) जमा कराना होगा। यह राशि जमा होते ही हरियाणा पुलिस इन सभी 5 रसूखदार निदेशकों को गिरफ्तार करने के लिए वारंट तामील करेगी। जेल जाने के बाद इन्हें पूरे 3 महीने सलाखों के पीछे गुजारने होंगे, बशर्ते इस बीच वे शिकायतकर्ता की पूरी बकाया रकम का पाई-पाई भुगतान न कर दें।

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