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Illegal Mining Yamunanagar: यमुनानगर में यमुना का 'चीरहरण': बेलगढ़ में रात भर चलता है अवैध खनन का खेल, प्रशासन मौन

AAmandeep Singh
यमुनानगर में यमुना का 'चीरहरण': बेलगढ़ में रात भर चलता है अवैध खनन का खेल, प्रशासन मौन
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यमुनानगर।  हरियाणा के यमुनानगर जिले से गुजरने वाली जीवनदायिनी यमुना नदी इन दिनों ‘खनन माफिया’ के चंगुल में कराह रही है। बेलगढ़ क्षेत्र में यमुना का सीना छलनी किया जा रहा है और हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी के तटों पर दिन-रात मशीनों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है। रात ढलते ही यहां का नजारा किसी डरावनी फिल्म जैसा हो जाता है, जब सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और जेसीबी मशीनें एक साथ नदी में उतरकर रेत-बजरी लूटने का काम शुरू करती हैं।

रसूखदारों का ‘कवच’ और स्क्रीनिंग प्लांटों का नेटवर्क

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सूत्रों की मानें तो यह अवैध धंधा कोई छोटा-मोटा खेल नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट है। नदी से निकाली गई अवैध सामग्री को बिना किसी डर के पास ही स्थित स्क्रीनिंग प्लांटों में खपाया जा रहा है। ट्रैक्टर चालक बिना किसी परमिट या रॉयल्टी के मुख्य रास्तों से गुजरते हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि माफिया को रसूखदारों और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें तो कई बार की गईं, लेकिन फाइलों के नीचे दबी ये शिकायतें कभी कार्रवाई की शक्ल नहीं ले सकीं।

सुर्जेवाला का तीखा हमला: “अखबारों को दिखता है, तो सरकार को क्यों नहीं?”

इस अवैध खनन के मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए तंज कसा है। उन्होंने सवाल किया कि जब मीडिया और आम जनता को नदी में उतरती मशीनें दिख रही हैं, तो हरियाणा की बीजेपी सरकार और उसके तंत्र की आंखें क्यों बंद हैं? सुर्जेवाला ने इसे सीधे तौर पर सरकारी सरपरस्ती में चल रहा भ्रष्टाचार करार दिया है।

इकोसिस्टम को चोट और बाढ़ का न्योता

पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नदी के तल से अनियंत्रित तरीके से रेत निकालने से पानी का प्राकृतिक बहाव बदल जाता है। इससे न केवल मछलियों और जलीय जीवों का घर उजड़ रहा है, बल्कि नदी के किनारे बसे बेलगढ़ और आसपास के गांवों की नींव भी कमजोर हो रही है। विडंबना देखिए कि एक ओर सिंचाई विभाग नदी के किनारों को मजबूत करने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है, वहीं दूसरी ओर खनन माफिया इन सुरक्षा संरचनाओं को ही उखाड़ फेंक रहे हैं।

आश्वासन की ‘पुरानी चादर’

मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहतास ने हमेशा की तरह आश्वासन देते हुए कहा है कि वे जल्द ही मौके का मुआयना करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अवैध खनन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अब इन खोखले आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही मशीनों के पहिए नहीं थमे, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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