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यह एक गलती थी: बकनर को 22 साल बाद तेंदुलकर के खिलाफ गलत फैसले पर पछतावा हुआ

JJagmarg Desk
यह एक गलती थी: बकनर को 22 साल बाद तेंदुलकर के खिलाफ गलत फैसले पर पछतावा हुआ
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नयी दिल्ली: महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बेहद खराब फैसला देने के दो दशक से अधिक समय बाद दिग्गज अंपायर स्टीव बकनर को आखिरकार पछतावा है और उन्होंने माना है कि यह एक गलती थी। वर्ष 2009 में संन्यास लेने वाले बकनर दो दशक से अधिक समय तक दुनिया के सबसे सम्मानित अंपायरों में से एक थे।

हालांकि उन्होंने तेंदुलकर से जुड़े कुछ विवादित फैसले दिए जिनमें सबसे चौंकाने वाला फैसला 22 साल पहले ब्रिसबेन के गाबा में भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच के दौरान पगबाधा आउट देना था। वेस्टइंडीज क्रिकेट अंपायर संघ के साथ साक्षात्कार में जब बकनर से एक अंपायर के तौर पर उनके सबसे मुश्किल फैसलों में से एक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर को पगबाधा आउट देना। यह एक गलती थी लेकिन आज भी हर दिन लोग इसके बारे में बात करते हैं।

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उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें आउट क्यों दिया? क्या वह आउट था, वगैरह-वगैरह? लेकिन जिंदगी में गलतियां होती रहती हैं। मैंने मान लिया है कि यह एक गलती थी और जिंदगी चलती रहती है। गाबा में हुए 2003-04 की श्रृंखला के उस मैच में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी और उनके साथियों की जोरदार अपील के बाद बकनर ने तेंदुलकर को पगबाधा आउट दे दिया था।

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तेंदुलकर ने गेंद को छोड़ने की कोशिश की जो उनके पैड के ऊपरी हिस्से में लगी लेकिन बकनर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की अपील से सहमत थे। बाद में टेलीविजन रीप्ले में पुष्टि हुई कि गेंद साफ तौर पर स्टंप के ऊपर से जा रही थी। कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिवंगत टोनी ग्रेग ने इसे एक भयानक फैसला कहा था और उस समय ऐसा सोचने वाले वे अकेले नहीं थे।

यह चार मैच की श्रृंखला का पहला मैच था और भारत के कप्तान सौरव गांगुली ने शानदार 144 रन बनाए थे जिसके बाद यह मैच ड्रॉ हुआ था। यह अकेला मामला नहीं था जब बकनर ने तेंदुलकर को गलत आउट दिया हो। ईडन गार्डन्स में 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में जमैका के बकनर ने आधे-अधूरे मन से की गई अपील के बावजूद अब्दुल रज्जाक की गेंद पर तेंदुलकर को कैच आउट दिया था। हालांकि रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच काफी अंतर दिखा।

तेंदुलकर से 2024 में प्रशंसकों के साथ बातचीत के दौरान जब बकनर के साथ उनके रिश्ते के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि जब मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं तो उसे मुक्केबाजी ग्लव पहनने के लिए दीजिए (जिससे कि वह अपनी अंगुली नहीं उठा सकें)। बकनर (79 बरस) ने 1989 और 2009 के बीच 128 टेस्ट मैच में अंपायरिंग की और 1992 से 2007 तक लगातार पांच विश्व कप फाइनल में अंपायरिंग करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।

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