Jaipur News: जयपुर के आमेर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार सुबह करीब 9 बजे बाघ के हमले में महिला मजदूर की मौत हो गई। मृतका की पहचान सुगना देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार वह टाइगर एन्क्लोजर के अंदर घास काटने और सफाई के काम के लिए गई थी, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद पार्क में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पार्क प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ताजा रिपोर्ट के अनुसार घटना नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एन्क्लोजर नंबर-16 में हुई और अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि महिला एन्क्लोजर के अंदर कैसे पहुंची और उस समय सुरक्षा व्यवस्था में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी।
साथियों का दावा- पिंजरे का गेट खोला गया
महिला के साथ काम कर रहीं मजदूरों ने दावा किया कि जब वे एन्क्लोजर के अंदर गईं, उस समय बाघ पिंजरे में था। उनके मुताबिक इसी दौरान किसी ने पिंजरे का गेट खोल दिया और बाघ एन्क्लोजर में पहुंच गया, जिसके बाद उसने मजदूरों पर हमला कर दिया। यह आरोप फिलहाल महिला मजदूरों के दावे पर आधारित है। वन विभाग और पार्क प्रशासन की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि पिंजरे का गेट कैसे खुला और घटना के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं। ताजा रिपोर्ट में अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम की जांच किए जाने की जानकारी है।
महिला का शव एन्क्लोजर में रहा
हमले के बाद सुगना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद काफी देर तक उनका शव एन्क्लोजर के अंदर ही मौजूद रहा और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएमएस अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया की बात सामने आई है। घटना ने पार्क में वन्यजीवों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर ऐसे एन्क्लोजर में काम कराने से पहले कर्मचारियों की सुरक्षित आवाजाही, गेट और कराल की स्थिति तथा बाघ की मौजूदगी को लेकर तय प्रक्रिया की जांच अहम होगी।
नाहरगढ़ में बड़ी संख्या में बाघ
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क जयपुर के प्रमुख वन्यजीव स्थलों में शामिल है। राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार यह पार्क नाहरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र का हिस्सा है और जयपुर-दिल्ली हाईवे के पास स्थित है। पार्क में बाघों की संख्या को लेकर उपलब्ध हालिया रिपोर्टों में 13 से ज्यादा बाघ होने की जानकारी भी सामने आई है। अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में पार्क में बाघों की कुल संख्या 15 तक पहुंचने की बात कही गई थी, जिसमें दो सफेद बाघ भी शामिल थे।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच सबसे अहम
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला मजदूर को बाघ के एन्क्लोजर के अंदर काम करने की अनुमति किन परिस्थितियों में मिली और बाघ को सुरक्षित रूप से अलग रखने की व्यवस्था क्या थी। यदि गेट खोलने के दावे की पुष्टि होती है, तो यह पार्क की सुरक्षा प्रक्रिया में गंभीर चूक का मामला बन सकता है। फिलहाल वन विभाग और पार्क प्रशासन की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि एन्क्लोजर में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था का पालन किस तरह किया जा रहा था।

