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Jassi Petwar Press Conference: बिक जाओ या जेल जाओ': जस्सी पेटवाड़ ने खोली हरियाणा की सियासी सौदेबाजी की पोल

AAmandeep Singh
बिक जाओ या जेल जाओ': जस्सी पेटवाड़ ने खोली हरियाणा की सियासी सौदेबाजी की पोल
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हरियाणा। हिसार में आयोजित एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने हरियाणा की राजनीति में आए भूचाल को और हवा दे दी है। राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर बोलते हुए पेटवाड़ ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार और इनेलो को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाया कि कांग्रेस के चट्टान की तरह खड़े विधायकों, खासकर मामन खान और गोकुल सेतिया को सत्ता पक्ष की ओर से डराया-धमकाया गया। पेटवाड़ के अनुसार, इन विधायकों से कहा गया कि अगर उन्होंने पाला नहीं बदला, तो उन्हें बाकी बचे साढ़े तीन साल के कार्यकाल तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

50 करोड़ का ऑफर और ‘सिक्कों की खनक’ में बिके ईमान

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विधायक पेटवाड़ यहीं नहीं रुके; उन्होंने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की सरेआम नीलामी करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग विधायकों को 25 करोड़, 30 करोड़ और यहाँ तक कि 50 करोड़ रुपये तक के ऑफर दिए गए थे। जहाँ कुछ ‘बहादुर’ विधायक धमकियों और लालच के आगे नहीं झुके, वहीं पांच विधायकों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे ‘सिक्कों की खनक’ में अपना ईमान बेच बैठे। पेटवाड़ ने इनेलो पर भी निशाना साधते हुए कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी को उतारना दरअसल भाजपा की बी-टीम के रूप में काम करने जैसा था, ताकि चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया जा सके।

कर्ज में डूबा बजट और किसानों से ‘क्रूर मजाक’

सियासी आरोपों के बाद जस्सी पेटवाड़ ने हरियाणा के हालिया बजट पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने 2 लाख करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट को आंकड़ों की बाजीगरी बताया। पेटवाड़ का तर्क है कि बजट का करीब 30 फीसदी हिस्सा तो सिर्फ पुराने कर्जों का ब्याज चुकाने और कर्मचारियों की सैलरी में निकल जाता है, ऐसे में विकास के लिए धेला भी नहीं बचता। उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिए गए मुआवजे को ‘भद्दा मजाक’ करार देते हुए कहा कि बीमा कंपनियां प्रीमियम के नाम पर करोड़ों डकार गईं, लेकिन जब किसान के खेत डूबे तो उसे लावारिस छोड़ दिया गया।

युवाओं की अनदेखी और शहीदों के सम्मान की आवाज

प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में जस्सी पेटवाड़ ने बेरोजगारी और टोल प्लाजा के बढ़ते बोझ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए इस बजट में कोई रोडमैप नहीं है। साथ ही, उन्होंने एक भावनात्मक अपील करते हुए विधानसभा में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को आधिकारिक तौर पर शहीद का दर्जा देने की मांग दोहराई। उन्होंने सरकार से मांग की कि हरियाणा विधानसभा केंद्र को इस संबंध में सख्त सिफारिश भेजे, ताकि देश के असली नायकों को उनका वाजिब हक मिल सके।

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