Jhajjar Forest Department: हरियाणा के झज्जर जिला मुख्यालय स्थित वन विभाग (फॉरेस्ट डिपार्टमेंट) की सरकारी इमारत से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जिस सरकारी दफ्तर में जनता अपने कामों के लिए चक्कर काटती है, वहां ऑफिस टाइम के दौरान कर्मचारी हुक्का गुड़गुड़ाने और ताश की बाजी लगाने में मशगूल दिखे। (Jhajjar DFO Office) इस पूरी हरकत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जिला प्रशासन और महकमे के आला अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
हर हफ्ते मंगाए जाते थे उपले, 7 रुपये के हिसाब से दफ्तर पहुंचती थी बोरी
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यह कोई एक दिन की बात नहीं थी, बल्कि यहां रोजाना यही खेल चल रहा था। सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, सरकारी दफ्तर में हुक्का सुलगाने का इंतजाम भी बाकायदा दफ्तरी स्तर पर ही किया जाता था। इसके लिए हर हफ्ते करीब 7 रुपये प्रति उपले (गोसे) के हिसाब से बोरे में भरकर उपले सरकारी बिल्डिंग में पहुंचाए जाते थे। सुबह दफ्तर खुलते ही काम की जगह ताश की गड्डियां निकलती थीं और हुक्का सज जाता था।
पर्यावरण बचाने का संदेश देने वाले महकमे में उड़ रहे धुएं के छल्ले
एक तरफ जहां वन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी आम जनता को प्रदूषण रोकने और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाते नजर आते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने ही परिसर में सरेआम हुक्के का धुआं उड़ रहा था।(Hookah in Government Office) DFO कार्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित इस इमारत में चल रही इस मनमानी ने विभागीय अधिकारियों की ढिलाई को बेनकाब कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या साहब को अपने ही नाक के नीचे हो रहे इस तमाशे की भनक तक नहीं थी?
DFO की नाक के नीचे चल रहा था खेल, किसकी तय होगी जिम्मेदारी?
वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। आम लोग सवाल पूछ रहे हैं कि अगर ड्यूटी के घंटों में सरकारी इमारतों का इस्तेमाल अयाशी और टाइमपास के अड्डों के रूप में हो रहा है, तो फिर आम जनता के काम कैसे होंगे? अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारी केवल जांच का आश्वासन देकर बात दबाते हैं या फिर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने और दफ्तरी मर्यादा तार-तार करने वाले जिम्मेदारों पर गाज गिरती है।

