Jind Cyber Fraud News: हरियाणा के जींद जिले से साइबर क्राइम का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करने वालों की नींद उड़ा दी है। हथो गांव के रहने वाले किसान राजेंद्र कुमार साइबर ठगी का शिकार बन गए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित किसान ने न तो किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा किया और न ही अपने मोबाइल पर कोई संदिग्ध लिंक या एपीके फाइल खोली थी। इसके बावजूद शातिर अपराधियों ने उनका फोन हैक कर दो अलग-अलग बैंक खातों से 1,01,800 रुपये पार कर दिए।
दोपहर में अचानक बंद हुआ मोबाइल नेटवर्क, शाम को आए पैसों की निकासी के मैसेज
पीड़ित राजेंद्र कुमार के अनुसार उनका नरवाना स्थित पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। इन दोनों ही खातों से उनका पर्सनल मोबाइल नंबर लिंक है, जिस पर वे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए गूगल-पे चलाते हैं। बीती 13 अक्तूबर की दोपहर जब राजेंद्र अपने एक परिचित को कॉल मिलाने की कोशिश कर रहे थे, तो उनका फोन कनेक्ट नहीं हो सका। देखते ही देखते उनके नंबर पर न तो कोई इनकमिंग-आउटगोइंग कॉल आ रही थी और न ही कोई संदेश आ-जा पा रहा था। इसके कुछ ही घंटों बाद, शाम करीब साढ़े चार बजे जैसे ही नेटवर्क बहाल हुआ, उनके मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेजेस की बौछार होने लगी।
दो अलग-अलग खातों में लगाई सेंध, कस्टमर केयर से भी नहीं हो सका संपर्क
साइबर ठगों ने राजेंद्र के पंजाब नेशनल बैंक वाले खाते से एक बार में 28,800 रुपये उड़ाए। इसके तुरंत बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में सेंध लगाते हुए पहले 30,000 रुपये और फिर 43,000 रुपये की चपत लगा दी। कुछ ही मिनटों के भीतर किसान की खून-पसीने की गाढ़ी कमाई के 1,01,800 रुपये गायब हो चुके थे। घबराए पीड़ित ने तुरंत बैंकों के कस्टमर केयर नंबरों पर संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण बात नहीं हो पाई। जब उन्होंने अपने परिचितों से इस बाबत बात की, तो उन्हें फोन हैक होने या सिम स्वैप होने का अंदेशा हुआ।
साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
घटना के तुरंत बाद पीड़ित किसान ने जींद के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना अधिकारी के मुताबिक अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेल और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर अचानक फोन का नेटवर्क गायब हो जाए या कोई संदेहास्पद मैसेज आए, तो बिना देर किए तुरंत अपने बैंक और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।

