October 2, 2026

Kirti Sharma Gold Medal: जींद की बेटी कीर्ति शर्मा ने रचा इतिहास, एशियन कप तीरंदाजी में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

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Kirti Sharma Gold Medal: जींद की बेटी कीर्ति शर्मा ने रचा इतिहास, एशियन कप तीरंदाजी में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

जींद की बेटी कीर्ति शर्मा ने रचा इतिहास, एशियन कप तीरंदाजी में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

Kirti Sharma Gold Medal: जींद। हरियाणा की माटी का खेल भावना और प्रतिभा से पुराना नाता रहा है, और इस परंपरा को जींद जिले के गांव रिटोली की होनहार बेटी कीर्ति शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिखाया है। अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कीर्ति ने महिला रिकर्व टीम इवेंट में देश के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

शुक्रवार को जब जापान में आयोजित एशियन कप प्रतियोगिता में कीर्ति देश के लिए तिरंगा लहरा रही थीं, उस वक्त उनके गांव में साधारण किसान पिता विजय शर्मा अपने खेतों में धान की कटाई कराने में मशगूल थे। जैसे ही बेटी के गोल्ड मेडल जीतने की खबर गांव पहुंची, खेत से लेकर घर तक खुशी की लहर दौड़ गई।

अंकिता और कुमकुम के साथ मिलकर भारत को दिलाया पहला स्थान
शुक्रवार को हुए महिला रिकर्व टीम स्पर्धा के रोमांचक मुकाबले में कीर्ति शर्मा ने अपनी साथी खिलाड़ियों—अंकिता भकत और कुमकुम अनिल मोहोद—के साथ मिलकर हिस्सा लिया। तीनों ही तीरंदाजों ने बेहतरीन तालमेल और सटीक निशानों के बदौलत विपक्षी टीम को पछाड़ते हुए भारत की झोली में पहला स्थान और गोल्ड मेडल डाल दिया।

कीर्ति की इस उपलब्धि से उनका पूरा परिवार भावुक है। उनके पिता विजय शर्मा गांव के एक छोटे किसान हैं और मां गुड्डी देवी कुशल गृहिणी हैं। कीर्ति का छोटा भाई गौरव शर्मा फिलहाल बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। बेटी के इस स्वर्णिम कारनामे पर गर्व जताते हुए पिता विजय शर्मा ने कहा, “बेटी ने जाने से पहले जो वादा किया था, आज उसे अपने प्रदर्शन से सच साबित कर दिखाया। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और गर्व का क्षण कोई दूसरा नहीं हो सकता।”

हजारीबाग के ‘साई’ सेंटर से निखरी तीरंदाजी की धार
कीर्ति शर्मा की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे वर्षों की कठिन तपस्या और पसीना शामिल है। कीर्ति ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान वर्ष 2019-20 में तीरंदाजी की शुरुआत की थी। खेल के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए वर्ष 2022 में उनका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के हजारीबाग (झारखंड) सेंटर में हुआ।

फिलहाल कीर्ति साईं सेंटर में कोच उद्यम सिंह के मार्गदर्शन में तीरंदाजी का कड़ा अभ्यास कर रही हैं। अपनी निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने पहले नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया और फिर भारतीय रिकर्व टीम में अपनी जगह पक्की की।

गौरतलब है कि कीर्ति के परिवार का गांव की सामाजिक व्यवस्था में भी पुराना योगदान रहा है। उनके परदादा चौधरी कलीराम वर्ष 1984 तक लगातार 11 वर्षों तक गांव रिटोली के सरपंच रहे थे। अब परपोती की इस वैश्विक सफलता ने पूरे गांव के नाम में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

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