Narwana Mandi Lockout: हरियाणा के जींद जिले में धान खरीद सीजन के बीच मंडियों की कुव्यवस्था फिर सरेआम हो गई है। नरवाना अनाज मंडी में फसलों की सुस्त खरीद और कई दिनों से रुके लिफ्टिंग (Jind Grain Market Lockout) के काम से परेशान आढ़तियों ने मंगलवार सुबह मोर्चा खोल दिया। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जयदेव बंसल की अगुवाई में सुबह करीब 11 बजे दर्जनों आढ़ती मंडी के मुख्य गेट पर इकट्ठा हुए और गेट को ताला लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
अचानक हुई इस तालाबंदी से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। गेट बंद होने के कारण ट्रॉलियों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें बाहर ही थम गईं, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। आढ़तियों का सीधा आरोप है कि खरीद एजेंसियां और ठेकेदार उठान के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिससे मंडी में धान के ढेर जमा होते जा रहे हैं और पूरा ढांचा चरमरा गया है।
मंडी में पैर रखने की जगह नहीं: ‘ना धान रखने की जगह बची, ना चलने का रास्ता’
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जयदेव बंसल ने बताया कि इन दिनों मंडी में धान की आवक अपने चरम पर है। किसान दिन-रात अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन पिछले कई दिनों से मंडियों से खरीदा गया धान उठाया ही नहीं गया है। (Haryana Farmer Issues) नतीजा यह है कि आढ़तियों की दुकानों के आगे और फड़ों पर बोियों और धान के ऊंचे-ऊंचे ढेर लग चुके हैं।
जयदेव बंसल का कहना है कि मंडी में अब अतिरिक्त धान उतारने के लिए 1 इंच जगह भी नहीं बची है। अव्यवस्था इतनी बढ़ गई है कि दुकानदारों को अपनी उपज संभालना दूभर हो गया है। लिफ्टिंग न होने का सीधा असर खरीद प्रक्रिया पर पड़ रहा है और रास्तों पर बोरे पड़े होने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
किसानों की आफत: मंडी में जगह न होने से घंटों इंतजार करने को मजबूर
खरीद और उठान में हो रही इस देरी की सबसे बड़ी मार किसानों पर पड़ रही है। दूर-दराज के गांवों से अपनी गाढ़ी कमाई लेकर मंडी पहुंच रहे किसानों को अपनी ट्रॉली खाली करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसानों को मंडी के बाहर सड़कों किनारे अपनी फसल खड़ी रखनी पड़ रही है, जिससे उनके ऊपर फसल खराब होने या चोरी होने का खतरा मंडरा रहा है।
तालाबंदी की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया। अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। (Haryana Paddy Procurement) खबर लिखे जाने तक प्रशासनिक अधिकारियों और आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच बंद कमरे में बातचीत चल रही थी। अधिकारियों ने जल्द से जल्द गाड़ियां लगवाकर लिफ्टिंग का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है, वहीं आढ़तियों ने साफ कर दिया है कि जब तक धरातल पर गाड़ियां नहीं दिखतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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