Jind News: हरियाणा के जींद जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पूर्व पार्षद श्यामलाल की मौत के बाद श्मशान घाट में अजीब और खौफनाक स्थिति पैदा हो गई। रविवार देर शाम जब परिजन उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे थे और शव को चिता पर रखा जा चुका था, तभी घर की महिलाओं का एक फोन आया जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया।
घर पर कपड़ों की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें शेयर मार्केट ट्रेडर और प्रॉपर्टी डीलर विकास बंसल के साथ करोड़ों रुपये के विवाद का कच्चा-चिट्ठा सामने आया। इस खुलासे के बाद मातम का माहौल गुस्से में बदल गया और परिजन तुरंत शव को चिता से उठाकर वापस अस्पताल ले आए।
घर में बेसुध मिले थे पूर्व पार्षद, पहले बीमारी की जताई गई थी आशंका
पूरा घटनाक्रम रविवार दोपहर से शुरू हुआ था, जब हाउसिंग बोर्ड निवासी पूर्व पार्षद श्यामलाल अपने घर में रहस्यमय हालात में बेसुध पाए गए थे। घबराए हुए परिजन उन्हें तुरंत जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चूंकि श्यामलाल पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, इसलिए परिवार ने शुरुआत में इसे स्वाभाविक मौत मान लिया और अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। रात के वक्त शव को सिविल लाइन थाने के नजदीक स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, जहां चिता सज चुकी थी और मुखाग्नि देने की रस्म की तैयारी चल रही थी।
सुसाइड नोट मिलते ही पलटा रुख, शव लेने से कर दिया था इनकार
श्मशान घाट पर जब चिता पर शव रखा हुआ था, तभी घर पर मौजूद महिलाओं ने फोन कर बताया कि श्यामलाल के कपड़ों से एक सुसाइड नोट हाथ लगा है। यह खबर मिलते ही पैरों तले जमीन खिसक गई और परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया। इसके बाद सोमवार सुबह परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से साफ इंकार कर दिया।
स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने बीच-बचाव के लिए कुछ परिचित अधिकारियों को मौके पर बुलाया। करीब दो घंटे चली लंबी बातचीत और समझाने-बुझाने के बाद परिजन माने, जिसके बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बेटे की शिकायत: 35 लाख के निवेश से शुरू हुई थी कारोबार में हिस्सेदारी
मृतक के बेटे कमल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी गई शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कमल ने बताया कि उसके पिता श्यामलाल और विकास बंसल मिलकर प्रॉपर्टी और शेयर बाजार का कारोबार संभालते थे।
साल 2022 में श्यामलाल ने अपनी एक दुकान बेचकर 35 लाख रुपये इस धंधे में लगाए थे और इसके साझीदार बने थे। इसके बाद दोनों ने मिलकर सुभाष नगर इलाके में एक करोड़ रुपये का एक प्लॉट भी खरीदा था। शिकायत के अनुसार, बाद में श्यामलाल ने अपना आधा हिस्सा 74 लाख रुपये में विकास बंसल को बेच दिया था, जिसके पैसों का लेन-देन अटका हुआ था।
हिसाब मांगने पर ऑफिस में हाथापाई और प्रताड़ना का आरोप
बेटे कमल का आरोप है कि बीते 8 दिसंबर को विकास बंसल ने उसके पिता को फोन पर 50 लाख 87 हजार रुपये के लेन-देन की डिटेल भेजी थी, लेकिन जब भी पैसे मांगे जाते थे वह टालमटोल करता था। बीते 5 अक्टूबर को जब परिवार ने दबाव बनाया, तो विकास ने कहा कि हिसाब का रजिस्टर घर पर है और वह अगले दिन हिसाब क्लियर कर देगा।
आरोप है कि जब 6 अक्टूबर को श्यामलाल हिसाब करने के लिए विकास के दफ्तर पहुंचे, तो वहां उनके साथ बदसलूकी और हाथापाई की गई। गालियां देते हुए उन्हें धक्के मारकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया। (Lawrence Bishnoi Gang Haryana News) परिवार का दावा है कि विकास पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम बकाया थी और इसी वित्तीय मानसिक प्रताड़ना के चलते पूर्व पार्षद ने यह खौफनाक कदम उठाया।
तीन बार परिवार संभाल चुका है वार्ड की कमान, पुलिस जांच जारी
राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की बात करें तो श्यामलाल हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से दो बार वार्ड के पार्षद चुने गए थे। इसके बाद जब पिछला चुनाव वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुआ, तो उनके छोटे भाई की पत्नी ने पार्षद का चुनाव जीता। इस तरह लगातार तीन बार इस परिवार ने स्थानीय निकाय में अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व किया था।
पार्षद पद से हटने के बाद ही उन्होंने शेयर बाजार और प्रॉपर्टी के कारोबार में कदम रखा था। फिलहाल, सिविल लाइन थाना पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया है और बेटे की शिकायत के आधार पर हत्या या आत्महत्या के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विकास बंसल पर लगे आरोपों की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के मिलने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी।

