Paddy Crop Care Tips: ज्योतिसर में धान पर ‘तेले’ का बड़ा हमला, कटाई से ठीक पहले किसानों को भारी नुकसान का डर
ज्योतिसर में धान पर 'तेले' का बड़ा हमला, कटाई से ठीक पहले किसानों को भारी नुकसान का डर
Paddy Crop Care Tips: हरियाणा के धान बेल्ट में शामिल कुरुक्षेत्र (Kurukshetra Paddy News) और आसपास के इलाकों में इस समय किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। खेतों में सुनहरी होकर लहरा रही धान की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन ऐन वक्त पर ‘तेला’ (Tela Disease In Paddy) बीमारी के हमले ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बीमारी की वजह से जहां फसल के दाने काले और हल्के होने का डर बन गया है, वहीं पैदावार में सीधे तौर पर 3 से 4 क्विंटल प्रति एकड़ तक का नुकसान आंक रहे किसान बेहद हताश हैं।
1 अक्टूबर से सरकारी खरीद, कहां संभालें फसल?
ज्योतिसर (Jyotisar Agriculture News) क्षेत्र के किसान बिट्टू यादव का कहना है कि खेत में खड़ी फसल पक चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू करने का शेड्यूल तय किया गया है। किसानों के पास सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगर फसल काटकर घर या मंडी में रखते हैं तो भंडारण की जगह नहीं है और अगर खेत में खड़ी छोड़ते हैं तो तेले का प्रकोप पूरी फसल को चट कर जाएगा। मौसम के अनिश्चित मिजाज को देखते हुए देरी करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है।
कीटनाशकों के महंगे छिड़काव से बढ़ी खेती की लागत
खेतों में फैले इस प्रकोप पर काबू पाने के लिए किसानों को बार-बार महंगी दवाइयों का छिड़काव (Haryana Farmer Issues) करना पड़ रहा है। पहले ही डीजल, खाद और पछैती बारिश की वजह से लागत से बेहाल किसान अब इन अतिरिक्त छिड़कावों के बोझ तले दब गए हैं। किसानों का साफ कहना है कि एक तरफ फसल का उत्पादन और रंग-रूप बिगड़ने का खतरा है, तो दूसरी तरफ लगातार बढ़ता दवाइयों का बिल उनकी बचत को पूरी तरह निगल रहा है।
सरकारी रेट 2,461 रुपये, पर ओने-पौने दाम पर खरीदने को मजबूर व्यापारी
सरकार ने पीआर-26 धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (PR 26 Paddy MSP) 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। मगर सरकारी कांटों के अभाव और मंडियों में समय पर ढेरी लगाने की जगह न होने का फायदा उठाकर निजी व्यापारी और आढ़ती किसानों की मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे हैं। खेत खाली करने और कर्ज चुकाने की जल्दी में कई किसान निर्धारित भाव से काफी कम कीमत पर फसल बेचने को बेबस हैं। किसानों ने पुरजोर मांग उठाई है कि मंडियों में सरकारी खरीद की तारीख तुरंत बढ़ाई जाए और खरीद प्रक्रिया को गति दी जाए।
तापमान में उतार-चढ़ाव और हवा में नमी है तेले की मुख्य वजह
मामले को लेकर करनाल की फर्टिलाइजर लैब में तैनात कृषि अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि सितंबर के इस दौर में मौसम का मिजाज तेले के अनुकूल बन जाता है। दिन में तेज धूप व गर्म तापमान और रात को गिरते पारे के साथ नमी बढ़ने से यह कीट तेजी से पनपता है। अधिकारी ने किसानों को सलाह दी है कि वे बाजार से किसी भी बिना सलाह की दवा का अंधाधुंध छिड़काव (Paddy Harvesting Season) करने के बजाय कृषि विशेषज्ञों की राय से ही अनुशंसित कीटनाशक का इस्तेमाल करें।
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