Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले में राजनीतिक हलचल उस वक्त तेज हो गई जब पूंडरी से भाजपा विधायक सतपाल जांबा ने अपनी ही सरकार के बिजली निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़ दिए। विधायक का कहना है कि उनके पास जनता की जो सबसे ज्यादा शिकायतें पहुंचती हैं, वे बिजली विभाग से जुड़ी होती हैं। इन शिकायतों में जेई और ठेकेदारों द्वारा आम लोगों से पैसे ऐंठे जाने के मामले सामने आए हैं। फिलहाल जनता के दबाव और शिकायतों के बाद पूंडरी से दो जेई—सुनील कुमार और नरेश—का प्रशासनिक आधार पर अन्यत्र तबादला कर दिया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक निलंबित या बर्खास्त नहीं किया गया है।
जेई कर रहे हैं गुंडागर्दी और तानाशाही: विधायक
मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि जनता की जायज शिकायतों के बाद केवल उनका ट्रांसफर किया गया है, जो कि एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि ट्रांसफर के बाद भी यदि अधिकारी इस तरह का रवैया अपना रहे हैं, तो यह साफ तौर पर तानाशाही है। विधायक के मुताबिक, आज भी उनके पास बिजली निगम से जुड़ी 10 शिकायतें लंबित पड़ी हैं, जिन पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घिरे हुए ठेकेदार और कर्मचारी अब पैर पकड़कर माफी मांगने और सिफारिशें लगवाने पहुंच रहे हैं, जिसके कारण कई बार नरमी बरतनी पड़ती है।
ट्रांसफर के खिलाफ धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी
दूसरी ओर, विधायक की कथित सिफारिश पर किए गए इस तबादले से बिजली निगम के कर्मचारियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। ट्रांसफर किए गए दोनों जेई सुनील कुमार और नरेश ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रंजिश करार देते हुए नए स्थान पर कार्यभार संभालने से साफ इनकार कर दिया है। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद बिजली निगम के अन्य कर्मचारी भी खुलकर समर्थन में उतर आए हैं और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का यह विरोध प्रदर्शन अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जिससे विभाग और जनप्रतिनिधि आमने-सामने आ गए हैं।
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