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Karnal News: घरौंडा अनाज मंडी में फूटा किसानों का गुस्सा, 8 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई धान खरीद, एसडीएम ने संभाला मोर्चा

AAmandeep Singh
Karnal News: घरौंडा अनाज मंडी में फूटा किसानों का गुस्सा, 8 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई धान खरीद, एसडीएम ने संभाला मोर्चा

घरौंडा अनाज मंडी में फूटा किसानों का गुस्सा, 8 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई धान खरीद, एसडीएम ने संभाला मोर्चा

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Karnal News: हरियाणा के करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी में सोमवार को किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। धान का नया सीजन शुरू हुए आठ दिन का वक्त बीत चुका है, लेकिन मंडी में पड़ी फसलों की सरकारी खरीद अब तक पटरी पर नहीं लौट सकी है। (Gharaunda Anaj Mandi News)  अपनी खून-पसीने की कमाई लेकर कई दिनों से मंडी में डेरा डाले बैठे किसानों की जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वे आक्रोशित हो गए। किसानों ने सीधे मार्केट कमेटी कार्यालय पर धावा बोल दिया और वहां मौजूद खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को घेरकर जमकर खरी-खोटी सुनाई।

अधिकारियों और किसानों के बीच तीखी बहस, किसान बोले- हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं

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मंडी में अपनी फसल लेकर पहुंचे किसान जगदीप ने कड़े लहजे में कहा कि वे पिछले कई दिनों से मंडियों में चक्कर काटने को मजबूर हैं। फसल खुले आसमान नीचे पड़ी है और प्रशासनिक स्तर पर कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा। किसान मंडी में बैठा-बैठा परेशान हो रहा है, लेकिन अधिकारी अपनी कुर्सियों से हिलने को तैयार नहीं थे। (Karnal Paddy Purchase)  हंगामे की खबर फैलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एसडीएम अनुभव मेहता खुद स्थिति का जायजा लेने घरौंडा अनाज मंडी पहुंचे।

एसडीएम ने बुलाई सांझा बैठक, आढ़ती बोरियों में संभालेंगे किसानों की फसल

मंडी में उपजे तनाव को शांत कराने के लिए एसडीएम अनुभव मेहता ने तुरंत अधिकारियों, आढ़तियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ एक साझा बैठक बुलाई। बैठक में खरीद प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक अड़चनों पर विस्तार से चर्चा की गई। (Farmers Protest Gharaunda) वार्ता के बाद मंडी प्रधान जयभगवान गोयल ने बताया कि एसडीएम के निर्देशानुसार, जब तक राइस मिलर पूरी तरह खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं हो जाते, तब तक आढ़ती किसानों की फसल को बोरियों में भरकर सुरक्षित रखेंगे ताकि बाद में उठान में कोई दिक्कत न आए।

राइस मिलरों के रजिस्ट्रेशन में देरी से बिगड़ी व्यवस्था, एसडीएम ने दिया त्वरित समाधान का भरोसा

धान खरीद में पैदा हुई इस अड़चन ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की दावों की पोल खोल दी है। किसानों का सीधा आरोप है कि विभाग द्वारा समय पर राइस मिलों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) न किए जाने की वजह से शैलर मालिक खरीद प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। (Jai Bhagwan Goyal Mandi Pradhan) हालांकि, पूरे मामले पर एसडीएम अनुभव मेहता ने साफ किया कि किसानों को किसी भी कीमत पर परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामने आ रही समस्याओं का तुरंत हल निकाल लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द व्यवस्था सुचारू करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

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