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कौशांबी पटाखा विस्फोट में मरने वालों की संख्या 14 हुई, मुख्य आरोपी के मकान को ध्वस्त किया गया

VVinita Kohli
कौशांबी पटाखा विस्फोट में मरने वालों की संख्या 14 हुई, मुख्य आरोपी के मकान को ध्वस्त किया गया

कौशांबी पटाखा विस्फोट में मरने वालों की संख्या 14 हुई

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Kaushambi News: कौशांबी जिले में पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी कस्बे में 31 अगस्त को एक फैक्टरी में विस्फोट होने से घायल हुई उर्वशी की प्रयागराज के एस आर एन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार इस तरह इस हादसे में मरने वालो की संख्या 14 हो गयी है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि विस्फोट में घायल हुई उर्वशी (17) की आज प्रयागराज के एस आर एन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। वह प्रयागराज के धूमनगंज थानाक्षेत्र के केसरवानी के दिनेश कुमार की पुत्री थी। पुलिस क्षेत्राधिकारी चायल शिवांक सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी नौशाद की पत्नी कहकशां बानो के गोदाम से मिले छह बोरी पटाखे को नष्ट किया जाएगा।

इस बीच, जिले के मनौरी कस्बे में पटाखा फैक्टरी विस्फोट में 14 लोगों की मौत के मामले में मुख्य आरोपी नौशाद के तीन मंजिला मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और कौशांबी पुलिस की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी अधिकारियों ने बताया कि नौशाद के मकान को गिराने का काम मंगलवार शाम करीब छह बजे शुरू हुआ और बुधवार सुबह पांच बजे तक करीब 11 घंटे तक जारी रहा। यह कार्रवाई यहां पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी में एक पटाखा फैक्टरी में 31 अगस्त को हुए विस्फोट के दो दिन बाद की गई। जिलाधिकारी अमित पाल ने कहा कि मकान को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है क्योंकि अधिकारियों ने पाया कि प्राधिकरण से आवश्यक भवन मानचित्र अनुमोदन और अनुमति प्राप्त किए बिना इसका निर्माण किया गया था।

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पाल ने कहा, ‘‘पीडीए अधिकारियों और कौशांबी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी नौशाद का तीन मंजिला मकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मंगलवार शाम छह बजे से बुधवार सुबह पांच बजे तक जारी रही।’’ अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की रात ही जिला प्रशासन ने अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े गोदामों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। पाल ने कहा कि विस्फोट के बाद अवैध पटाखा कारोबार और उनसे जुड़े निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।’’

यह विस्फोट सोमवार को मनूरी शहर में एक अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण केंद्र में हुआ था जिसमें आठ बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में तीन और लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार फैक्टरी मालिक और मुख्य आरोपी नौशाद को मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो महिलाओं- नौशाद की भाभी शबाना और उसकी भतीजी साइना को भी पकड़ लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपियों – शकील, आदिल और कहकशां बेगम पर 25,000 रुपये का इनाम है। अधिकारियों का कहना है कि छह लोगों – नौशाद, आदिल, कहकशां बेगम, शकील, शबाना और साइना पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 105 (गैर इरादतन हत्या) और 288 (विस्फोटक से जुड़ा लापरवाहीपूर्ण आचरण) और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार पुलिस सभी छह आरोपियों द्वारा कथित तौर पर अवैध आय से अर्जित संपत्ति की भी पहचान कर रही है और जल्द जब्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने के लिए साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक फैक्टरी को अवैध रूप से संचालित करने की अनुमति देने के मामले में कथित लापरवाही को लेकर नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। इनमें पिपरी के पूर्व थाना प्रभारी शिवचरण राम; उप-निरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी; हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल हैं। विस्फोट से फैक्टरी के लगभग 100 मीटर के दायरे में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तीन संपत्ति पूरी तरह से ढह गईं।

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