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केजरीवाल को पहले ही जनता से राजनीतिक जवाब मिल गया है: आप नेता के बरी होने के बाद भाजपा ने कहा

VVinita Kohli
केजरीवाल को पहले ही जनता से राजनीतिक जवाब मिल गया है: आप नेता के बरी होने के बाद भाजपा ने कहा
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि भले ही अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े एक मामले में ‘‘सबूतों के अभाव’’ में बरी कर दिया है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के लोगों ने उन्हें पहले ही ‘‘राजनीतिक आधार पर राजनीतिक जवाब’’ दे दिया है और जांच एजेंसी अब तकनीकी आधारों पर अपना अगला कदम तय करेगी। अदालत द्वारा केजरीवाल को बरी किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह एक ‘‘तकनीकी मामला’’ है और पार्टी अदालत के फैसले का अध्ययन करने के बाद उस पर ‘‘व्यवस्थित जवाब’’ देगी।

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को शराब नीति मामले में बरी कर दिया, और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की खिंचाई करते हुए कहा कि उसे नीति में कोई ‘‘बड़ी साजिश या आपराधिक मंशा’’ नहीं मिली। केजरीवाल और अन्य को मामले में बरी किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, त्रिवेदी ने कहा, ‘‘अधीनस्थ अदालत ने सबूतों की कमी के कारण उन्हें बरी कर दिया है। यह एक तकनीकी मामला है।’’ राज्यसभा सदस्य ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह भी सच है कि सैकड़ों मोबाइल फ़ोन और सिम कार्ड, जो मामले में सबूत थे, नष्ट कर दिए गए थे। अब, उन्हें क्यों नष्ट किया गया और इससे केस में सबूत कैसे कम हुए, सीबीआई ऐसे तकनीकी मामलों को देखेगी और अपना अगला कदम तय करेगी।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘यह भी सोचने वाली बात है कि अगर कोई सबूत ही नहीं था, तो अदालत ने आरोप कैसे तय होने दिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी आरोप बेबुनियाद थे, फिर भी वे तय हो गए। इसलिए कुछ तकनीकी मामले हैं और फैसले का गहराई से अध्ययन करने के बाद, पार्टी एक व्यवस्थित जवाब देगी।’’ अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भावुक हुए केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में ‘‘सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश’’ थी। अदालत का फैसला आने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रो पड़े। केजरीवाल ने कहा, ‘‘अदालत ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ‘कट्टर ईमानदार’ हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी मामले की ‘‘साजिश’’ आम आदमी पार्टी (आप) को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर रची गई थी। मोदी और शाह के खिलाफ केजरीवाल के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, त्रिवेदी ने आप के राष्ट्रीय संयोजक पर ‘‘राजनीतिक’’ आरोप लगाने का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘वह (केजरीवाल) भारतीय राजनीतिक इतिहास के कुछ खास लोगों में से एक हैं। जनसंघ से भाजपा को बने 75 साल हो गए हैं, हमने एक दिन के लिए भी कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाया। इसके उलट, उन्होंने (अपनी पार्टी बनने के) 75 दिन के अंदर कांग्रेस से हाथ मिला लिया।’’

भाजपा नेता का इशारा 2013 में कांग्रेस के साथ गठबंधन करके दिल्ली में पहली बार आप की सरकार बनाने की ओर था। कांग्रेस द्वारा इस घटनाक्रम को तमिलनाडु, गुजरात और पंजाब में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की ‘पटकथा’ बताए जाने पर, त्रिवेदी ने मुख्य विपक्षी पार्टी पर पलटवार किया और उससे पूछा कि वह मामले में केजरीवाल और दूसरों के बरी होने से ‘‘दुखी हैं, या खुश हैं या डरे हुए हैं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने ही सबसे पहले (दिल्ली में पिछली आप सरकार के खिलाफ) आरोप लगाए थे। मुझे लगता है कि (कांग्रेस नेता) अजय माकन ने शराब घोटाले पर पहली प्रेस वार्ता की थी।’’

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