September 29, 2026

Kurukshetra Anaj Mandi: गेट पास न बनने से भड़का किसान, मंडी दफ्तर पर ताला जड़ माचिस निकालकर दी आत्मदाह की धमकी

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Kurukshetra Anaj Mandi: गेट पास न बनने से भड़का किसान, मंडी दफ्तर पर ताला जड़ माचिस निकालकर दी आत्मदाह की धमकी

गेट पास न बनने से भड़का किसान, मंडी दफ्तर पर ताला जड़ माचिस निकालकर दी आत्मदाह की धमकी

Kurukshetra Anaj Mandi: हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू तो हो गई है, लेकिन पोर्टल और वेरिफिकेशन के तकनीकी पचड़ों ने किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। कुरुक्षेत्र जिले की थानेसर अनाज मंडी में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक परेशान किसान ने गेट पास न कटने से आक्रोशित होकर मार्केट कमेटी के दफ्तर पर ताला जड़ दिया। हद तो तब हो गई जब किसान ने अपनी जेब से माचिस निकालकर मंडी परिसर में ही खुद को आग लगाने की धमकी दे डाली। करीब एक घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद किसान यूनियन के हस्तक्षेप और अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

“क्या किसानों को और कोई काम नहीं?” — सुबह 7 बजे से भटक रहा था किसान

जानकारी के अनुसार, बारवा गांव निवासी किसान गुरचरण सिंह अपनी करीब 6 एकड़ भूमि की धान की उपज लेकर तड़के ही थानेसर मंडी पहुंच गया था। जब वह गेट पास कटवाने के लिए काउंटर पर गया, तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर उसका रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन शो नहीं हो रहा है।

गुस्साए किसान गुरचरण सिंह ने सवाल उठाया कि जब उसने समय पर रजिस्ट्रेशन कराया था, तो वेरिफिकेशन करना पटवारी और कृषि विभाग की जिम्मेदारी है, किसान की नहीं। उसने कहा, “हम सुबह 7 बजे से ट्रैक्टर लेकर खड़े हैं। पहले कर्मचारियों ने कहा कि 8 बजे सिस्टम चलेगा, फिर कहने लगे कि पटवारी से वेरिफिकेशन कराकर लाओ। क्या किसान खेती छोड़ सिर्फ दफ्तरों के चक्कर काटता रहे?”

जेब से निकाली माचिस, चाबी फेंककर बोला— “यहीं आग लगाऊंगा”

प्रशासनिक हीला-हवाली से तंग आकर गुरचरण सिंह ने गेट पास काटने वाले कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर उस पर अपना ताला जड़ दिया और चाबी दूर फेंक दी। माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब किसान ने अपनी जेब से माचिस निकाली और चिल्लाते हुए कहा कि अगर उसका गेट पास तुरंत नहीं काटा गया, तो वह अपने ट्रैक्टर के पास ही खुद को आग लगाकर जान दे देगा। किसान के इस रौद्र रूप को देखकर मंडी में मौजूद कर्मचारियों और अन्य आढ़तियों के हाथ-पांव फूल गए।

80 प्रतिशत किसानों की वेरिफिकेशन अटकी, यूनियन ने खोला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के पदाधिकारी और मार्केट कमेटी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। यूनियन के महासचिव दिलबाग सिंह ने आक्रोशित किसान को समझा-बुझाकर शांत किया और उसकी चाबी खोजकर कमरे का ताला खुलवाया।

मीडिया से बातचीत में दिलबाग सिंह ने बताया कि यह केवल गुरचरण सिंह की अकेले की समस्या नहीं है। जिले में अब तक महज 20 प्रतिशत किसानों का ही डेटा पोर्टल पर अपडेट हो पाया है, जबकि 80 फीसदी किसान वेरिफिकेशन के फेर में मंडियों के बाहर धक्के खाने को मजबूर हैं। सरकार को खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही डिजिटल व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए थी। मार्केट कमेटी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी दिक्कत को जल्द दूर कर किसान का गेट पास जारी कर दिया जाएगा।

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