Kurukshetra News: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब भयावह रूप ले चुका है। पिछले 40 घंटे से भी अधिक समय से शहर के कई बड़े इलाकों में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे अब पीने के पानी का गंभीर संकट भी खड़ा हो गया है। स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि लोगों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। महाराणा प्रताप चौक (बिरला मंदिर चौक) और झांसा रोड से लगती कॉलोनियों के निवासियों व स्थानीय दुकानदारों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनके घरों में बिजली और पानी की बहाली नहीं होती, वे सड़क से पीछे नहीं हटेंगे। करीब आधे घंटे तक लगे इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित लोग टस से मस नहीं हुए। आखिरकार, जब प्रशासन ने तुरंत पानी के टैंकर भिजवाने का ठोस आश्वासन दिया, तब जाकर प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को राजी हुए।
‘घरों में पानी की बूंद तक नहीं, बच्चों का स्कूल जाना छूटा’
जाम में बैठे स्थानीय निवासियों का दर्द छलक पड़ा। लोगों ने बताया कि लगातार दो दिनों से बिजली न आने के कारण इनवर्टर जवाब दे चुके हैं और पानी की टंकियां पूरी तरह खाली पड़ी हैं। स्थिति यह हो गई है कि दैनिक कार्यों के साथ-साथ बच्चों का स्कूल जाना तक मुहाल हो चुका है। जब पीने तक के पानी का इंतजाम नहीं रहा, तो मजबूरी में उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
अदालतों में कामकाज ठप, वकीलों ने रखा ‘वर्क सस्पेंड’
बिजली के इस भयावह संकट की मार अब न्यायिक व्यवस्था पर भी पड़ने लगी है। बिजली न होने के चलते जिला बार एसोसिएशन कुरुक्षेत्र और पिहोवा में शुक्रवार को वकीलों ने काम ठप रखा। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सहदेव राढ़ान जठलाना ने बताया कि बिजली गुल होने की वजह से कोर्ट परिसर में टाइपिंग, फोटोकॉपी और प्रिंटिंग जैसे बेहद जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए हैं। बिना बिजली के वकीलों और वादकारियों के लिए काम करना असंभव हो गया था, जिसके चलते सर्वसम्मति से ‘वर्क सस्पेंड’ रखने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
फ्रिज बंद होने से वीटा दूध की बिक्री 5 हजार लीटर घटी
बिजली संकट का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई और खान-पान पर भी दिखने लगा है। कुरुक्षेत्र वीटा मिल्क प्लांट के मैनेजर देव त्यागी के मुताबिक, लंबे पावर कट की वजह से घरों में रेफ्रिजरेटर बंद पड़े हैं, जिससे लोग खराब होने के डर से दूध की कम खरीदारी कर रहे हैं। प्लांट से रोजाना करीब 25 हजार लीटर दूध की सप्लाई होती थी, जो अब घटकर 20 से 21 हजार लीटर रह गई है। यानी रोजाना 4 से 5 हजार लीटर दूध की मांग घट गई है। हालांकि, प्लांट में बिजली की कोई समस्या नहीं है और कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र शहर में सप्लाई जारी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में मांग तेजी से गिरी है।
20 से 25 पावर हाउस पड़े ठप, बहाली के प्रयास जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता (SE) एमजी जिंदल ने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 250 पावर हाउस हैं, जिनमें से हड़ताल के चलते लगभग 20 से 25 पावर हाउस में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि शहर के अधिकांश हिस्सों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई है, लेकिन बिरला मंदिर चौक, दर्राखेड़ा, लक्ष्मण चौक और आसपास के इलाकों में अभी भी बिजली गुल है, जिसे जल्द ठीक करने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए जा रहे हैं।
यह भी देखें – जमीन के ठेके के विवाद में खूनी खेल, बहू की हत्या करने वाले 75 साल के ससुर को उम्रकैद

