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Kurukshetra Paddy Scam: कुरुक्षेत्र में सरकारी धान की हेराफेरी का भंडाफोड़, 4 रसूखदारों पर FIR दर्ज

AAmandeep Singh
कुरुक्षेत्र में सरकारी धान की हेराफेरी का भंडाफोड़, 4 रसूखदारों पर FIR दर्ज
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कुरुक्षेत्र।  धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में सरकारी संपत्ति में सेंधमारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस्माइलाबाद स्थित एक राइस मिल में हैफेड (Hafed) द्वारा दिए गए धान के स्टॉक में करीब 11.25 करोड़ रुपये की बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई है। मामला तब खुला जब विभाग की टीम ने मिल का औचक निरीक्षण और फिजिकल वेरिफिकेशन किया। जांच में पता चला कि कागजों में जो स्टॉक मौजूद होना चाहिए था, हकीकत में वह मिल से गायब था। इस बड़े खुलासे के बाद जिले के राइस मिलर्स और खाद्य आपूर्ति विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है।

38 हजार क्विंटल धान और हजारों बोरे ‘लापता’

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हैफेड के जिला प्रबंधक शमशेर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के दौरान इस मिल को मिलिंग (धान से चावल बनाने) के लिए 59,115 क्विंटल धान आवंटित किया गया था। लेकिन जब मंगलवार को टीम ने मौके पर जाकर कट्टों की गिनती की, तो वहां 38,894.92 क्विंटल धान कम पाया गया। सिर्फ धान ही नहीं, बल्कि सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए ₹14.24 लाख की कीमत वाले 17,860 नए जूट के बोरे भी खुर्द-बुर्द कर दिए गए। कुल मिलाकर सरकार को 11 करोड़ 25 लाख रुपये का सीधा वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया है।

मिल मालिकों और गारंटरों पर गिरी गाज

पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए इस्माइलाबाद थाने में राइस मिल के दो पार्टनर्स और उनकी गारंटी लेने वाले दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन आरोपियों पर आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। जांच अधिकारी एएसआई राजिंदर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट है कि सरकारी धान को निजी लाभ के लिए बाजार में खपाया गया है या उसकी हेराफेरी की गई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस खेल में क्या विभाग के कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी।

सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं: हैफेड

हैफेड अधिकारियों का कहना है कि धान की मिलिंग के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, लेकिन कुछ मिलर्स मुनाफे के चक्कर में नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस मामले को एक ‘नजीर’ के तौर पर देखा जा रहा है ताकि भविष्य में कोई सरकारी स्टॉक के साथ छेड़छाड़ न कर सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और मिल के पिछले रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। कुरुक्षेत्र पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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