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Stress Management Workshop Ladwa: सुगनी देवी स्कूल में शिक्षकों को सिखाए गए तनाव मुक्ति के गुर, सीबीएसई के दिग्गजों ने ली क्लास

GGaganpreet Kaur
सुगनी देवी स्कूल में शिक्षकों को सिखाए गए तनाव मुक्ति के गुर, सीबीएसई के दिग्गजों ने ली क्लास
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लाडवा (कैलाश गोयल) आधुनिक दौर में पढ़ाई के बदलते पैटर्न और कड़े शेड्यूल के बीच अक्सर शिक्षक भी मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। इसी गंभीर विषय को केंद्र में रखते हुए लाडवा के सुगनी देवी आर्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक सराहनीय पहल की गई। स्कूल परिसर में शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनके भीतर नई ऊर्जा फूंकने के मकसद से ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से पहुंचे विषय विशेषज्ञ सोनू शर्मा और धर्मेंद्र सिंह ने शिक्षकों से सीधा संवाद किया।

कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन और मधुर प्रार्थना गीत के साथ हुआ। इससे पहले, स्कूल की प्रधानाचार्या पूजा छाबड़ा ने मुख्य वक्ताओं को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया।

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रोल प्ले और ग्रुप डिस्कशन से समझा ‘तनाव का गणित’

कार्यशाला के दौरान दोनों खगोल विशेषज्ञों ने बेहद सरल और व्यावहारिक अंदाज में शिक्षकों को समझाया कि वे शिक्षण कार्य के दौरान पैदा होने वाले मानसिक दबाव को खुद पर हावी न होने दें। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट (समय प्रबंधन), सकारात्मक दृष्टिकोण और विपरीत परिस्थितियों में भी भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के कई अनूठे तरीके साझा किए।

इस वर्कशॉप की सबसे खास बात इसका ‘इंटरैक्टिव’ होना रही। इसमें व्याख्यान देने के बजाय खेल-खेल में और रोल प्ले (अभिनय) के माध्यम से तनाव के लक्षणों को पहचानने और उन्हें दूर करने की तकनीकें सिखाई गईं। स्कूल के करीब 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अलग-अलग समूहों में बंटकर ग्रुप डिस्कशन में हिस्सा लिया और अपनी रोजमर्रा की पेशेवर चुनौतियों को विशेषज्ञों के सामने रखा।

स्वस्थ शिक्षक ही गढ़ सकते हैं देश का बेहतर भविष्य: पूजा छाबड़ा

शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रधानाचार्या पूजा छाबड़ा ने कहा कि एक तनावमुक्त और खुशहाल शिक्षक ही क्लासरूम में सकारात्मक माहौल तैयार कर सकता है। अगर शिक्षक मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे, तभी वे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ पूरा न्याय कर पाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यशाला से मिली सीख शिक्षकों को एक नई ऊर्जा से भर देगी।

सत्र के समापन पर स्कूल प्रबंधन की ओर से रिसोर्स पर्सन सोनू शर्मा और धर्मेंद्र सिंह को उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों ने भी इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह सत्र उनके लिए आंखें खोलने वाला रहा और उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आत्मनिरीक्षण वाले कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

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