बरनाला (Barnala News): जिला बार एसोसिएशन बरनाला के आह्वान पर आज स्थानीय वकीलों ने पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण अदालती कामकाज पूरी तरह ठप रहा, जिससे दूर-दराज से आए सैकड़ों लोगों को बिना किसी कार्यवाही के वापस लौटना पड़ा। वकीलों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो यह विरोध प्रदर्शन 27 फरवरी तक जारी रहेगा।
एक्शन प्लान पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान वकील नेताओं ने सरकार के नए ‘एक्शन प्लान सिस्टम’ की तीखी आलोचना की। वकीलों का आरोप है कि अदालतों पर केसों को जल्द खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है। सिस्टम में ‘न्याय’ के बजाय सिर्फ निपटारे को प्राथमिकता दी जा रही है। जल्दबाजी के चक्कर में कानूनी प्रक्रियाओं और न्याय के मूल सिद्धांतों की अनदेखी की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।
”अपराधियों को मिल रही सरकारी सुरक्षा”
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज बंसल, उपाध्यक्ष तलविंदर सिंह मसोण और एडवोकेट धीरज कुमार ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) सिस्टम को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पुलिस कड़ी मशक्कत के बाद ‘हार्ड कोर’ अपराधियों को पकड़ती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार इस सिस्टम के जरिए उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता देकर बचाने का काम कर रही है। यह अपराधियों के हौसले बुलंद करने जैसा है।
टैक्स पेयर्स के पैसे का दुरुपयोग
एसोसिएशन ने तर्क दिया कि मुफ्त कानूनी सहायता के नाम पर आम जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। वकीलों के अनुसार, अपराधियों को बिना किसी खर्च के वकील मिलने से उनमें कानून का डर खत्म हो रहा है, जिससे राज्य में अपराध दर बढ़ने की पूरी आशंका है। उनकी मांग है कि इस सिस्टम को तुरंत बंद किया जाए।
आगे की रणनीति
वकीलों ने ऐलान किया है कि 27 फरवरी तक हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन को और तेज करने या हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।इस रोष प्रदर्शन में एडवोकेट धर्मेंद्र सिंह धालीवाल, धर्मपाल सिंह, राघवेंद्र सिंह सिद्धू, अशोक कुमार पलटा, जगजीत सिंह, भूपिंदर सिंह, विशाल शर्मा और सरबजीत कौर सहित बार एसोसिएशन के अन्य सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे।

