नई दिल्ली: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को कांग्रेस ने आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन का मुद्दा लोकसभा में उठाया। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने सदन में कहा कि पार्टी के आठ सदस्य निलंबित हैं और संसद के बाहर बैठे हुए हैं, इसलिए उनका निलंबन समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि इस विषय पर फैसला लिया जाए। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि सदन के पदाधिकारियों पर सदन के भीतर चर्चा नहीं की जाती और प्रक्रिया के अनुसार ही मामलों का समाधान होता है।
कांग्रेस ने उठाया निलंबन का मुद्दा
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जिन आठ सांसदों को निलंबित किया गया है, वे संसद के बाहर बैठे हुए हैं और लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इस मामले में जल्द निर्णय लिया जाए। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और निलंबन को समाप्त किया जाना चाहिए।
अध्यक्ष ने दी प्रक्रिया की याद दिलाई
इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन के निर्णयों पर सदन के भीतर चर्चा नहीं की जाती। उन्होंने संकेत दिया कि नियमों और संसदीय परंपराओं के अनुसार ही ऐसे मामलों का निपटारा किया जाता है। अध्यक्ष के इस जवाब के बाद विपक्षी दलों ने अपनी मांग दोहराई, लेकिन तत्काल कोई फैसला नहीं लिया गया।
पहले भी उठ चुकी है मांग
विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह भी सरकार और लोकसभा अध्यक्ष से आठ सांसदों का निलंबन समाप्त करने की मांग की थी। विपक्ष का कहना है कि यह मुद्दा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है और सांसदों को सदन की कार्यवाही में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि सरकार और अध्यक्ष की ओर से अब तक इस मांग पर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तीन फरवरी को हुआ था निलंबन
बजट सत्र के पहले चरण के दौरान 3 फरवरी को सदन में हुई घटना के बाद आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। आरोप था कि कुछ सांसदों ने सदन की कार्यवाही के दौरान आसन की ओर कागज फेंके थे, जिसे सदन की अवमानना माना गया। इसके बाद उन्हें बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया गया था।
इन सांसदों को किया गया निलंबित
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले और किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं। इसके अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एस. वेंकटेशन को भी निलंबित किया गया था। इन सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए सदन की कार्रवाई में भाग लेने से रोक दिया गया।
मकर द्वार पर जारी है धरना
निलंबन के बाद से ये सभी सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जब भी संसद की कार्यवाही होती है, उस दौरान ये सांसद वहां बैठकर अपना विरोध दर्ज कराते हैं। विपक्ष का कहना है कि उनका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से है और वे चाहते हैं कि उन्हें फिर से सदन की कार्यवाही में शामिल होने का अवसर दिया जाए।

