नई दिल्ली। घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और जमाखोरी की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बुकिंग नियमों में बदलाव कर दिया है। नई गाइडलाइन के अनुसार अब किसी उपभोक्ता को पहला सिलेंडर मिलने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन का इंतजार करना होगा।
पहले यह अवधि 21 दिन थी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरत वाले परिवारों को समय पर गैस मिल सकेगी।
जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए लिया गया फैसला
पिछले कुछ महीनों में गैस एजेंसियों के पास ऐसी शिकायतें आई थीं कि कई उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे थे। इससे कई इलाकों में समय पर सिलेंडर की डिलीवरी प्रभावित हो रही थी।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता ने महीने की 3 तारीख को सिलेंडर लिया है तो वह अगला रीफिल 28 तारीख के बाद ही बुक कर पाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे गैस वितरण प्रणाली पर दबाव कम होगा।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर दोनों हुए महंगे
गैस सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर 913 रुपये हो गई है। इससे पहले यह सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा था।
वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब इसकी नई कीमत 1883 रुपये तय की गई है। बढ़ी हुई दरें 7 मार्च से लागू हो चुकी हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर भी दिखने लगा
ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। इसी कारण कई देशों की तरह भारत में भी गैस सप्लाई और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है।
खबर है कि पंजाब और राजस्थान में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई गई है। ऐसे हालात में सरकार वितरण व्यवस्था को संतुलित रखने के लिए नए नियम लागू कर रही है ताकि आम उपभोक्ताओं को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

