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LPG Booking Rule: LPG सिलेंडर की किल्लत पर सरकार की बड़ी सफाई: पैनिक बुकिंग न करें, जानें कब मिलेगा सिलेंडर

AAmandeep Singh
LPG सिलेंडर की किल्लत पर सरकार की बड़ी सफाई: पैनिक बुकिंग न करें, जानें कब मिलेगा सिलेंडर
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हरियाणा। देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की किल्लत की खबरों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। गैस एजेंसियों के बाहर लगती लंबी कतारें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच लोग आनन-फानन में सिलेंडर बुक करने में जुटे हैं। इस अफरा-तफरी के माहौल को देखते हुए अब केंद्र सरकार खुद फ्रंट फुट पर आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है।

डिलीवरी का गणित: बस ढाई दिन का इंतजार

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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में घरेलू गैस सिलेंडर की ‘डिलीवरी साइकिल’ पूरी तरह सामान्य है। उनके मुताबिक, वर्तमान में बुकिंग के बाद औसतन ढाई दिन के भीतर सिलेंडर उपभोक्ता के घर पहुँच रहा है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ‘पैनिक बुकिंग’ से बचें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा बुकिंग करने से वितरण प्रणाली पर बेवजह दबाव बढ़ता है।

जमाखोरी पर लगाम: अब 25 दिन बाद ही मिलेगी दूसरी रिफिल

बाजार में सिलेंडरों की कृत्रिम किल्लत और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। अब एक सिलेंडर की डिलीवरी लेने के बाद उपभोक्ता दूसरे सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बीतने के बाद ही कर सकेंगे। इससे पहले यह समय सीमा 21 दिन की थी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस का स्टॉक उन लोगों तक पहले पहुँचे जिन्हें इसकी तत्काल आवश्यकता है, न कि उन लोगों के पास जो डर के मारे स्टॉक जमा कर रहे हैं।

पर्दे के पीछे की चुनौती: युद्ध और आयात का पेच

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। संकट की एक बड़ी वजह वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भी है। दरअसल, भारत द्वारा आयात की जाने वाली कुल गैस का करीब 90 फीसदी हिस्सा ईरान के पास स्थित हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते से आता है। यह क्षेत्र फिलहाल युद्ध और तनाव की चपेट में है, जिससे लॉजिस्टिक्स में कुछ चुनौतियां आ रही हैं।

घरेलू उत्पादन में 25% का इजाफा

विदेशी निर्भरता और आयात में आ रही बाधाओं को देखते हुए सरकार ने घरेलू स्तर पर कमर कस ली है। सभी तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन अधिकतम स्तर पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों के भीतर ही घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का दावा है कि उत्पादन की यह रफ्तार घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

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