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Mahendergarh News: दक्षिण हरियाणा को बड़ा तोहफा, 23 अगस्त को नांगल चौधरी रेल यार्ड का उद्घाटन करेंगे CM नायब सैनी

AAmandeep Singh
Mahendergarh News: दक्षिण हरियाणा को बड़ा तोहफा, 23 अगस्त को नांगल चौधरी रेल यार्ड का उद्घाटन करेंगे CM नायब सैनी

दक्षिण हरियाणा को बड़ा तोहफा, 23 अगस्त को नांगल चौधरी रेल यार्ड का उद्घाटन करेंगे CM नायब सैनी

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Mahendergarh News: हरियाणा को उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के सरकार के दावे अब जमीन पर आकार लेते दिख रहे हैं। महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी में बनकर तैयार हुए ‘इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब’ (IMLH) के पहले चरण का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं यहां पहुंचकर आधुनिक सुविधाओं से लैस रेल यार्ड का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के न्यू डाबला रेलवे स्टेशन से चलने वाली पहली मालगाड़ी जब नांगल चौधरी पहुंचेगी, तो मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर इसके नियमित संचालन का शंखनाद करेंगे।

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तैयारियों का जायजा: मुख्य सचिव ने अधिकारियों संग की समीक्षा

मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित दौरे और परियोजना के तकनीकी पहलुओं को परखने के लिए राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि उद्घाटन से पहले सभी तरह के ट्रायल और पेंडिंग कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक प्रोजेक्ट का सीधा फायदा जल्द से जल्द हरियाणा के उद्योगों और व्यापारिक समुदाय को मिलना चाहिए।

886 एकड़ का मेगा प्रोजेक्ट: जानिए पहले चरण में क्या-क्या है खास

समीक्षा बैठक में जिले की उपायुक्त अनुपमा अंजली ने परियोजना की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट रखी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के तहत कुल 886.78 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत है।

आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रथम चरण के तहत लगभग 408 एकड़ क्षेत्र में बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।

रेलवे लाइनें और स्टेशन: आंतरिक रेल यार्ड के भीतर चार रेलवे लाइनें, दो आधुनिक प्लेटफॉर्म और एक आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण पूरा हो चुका है।

संचालन की जिम्मेदारी: इस रेल यार्ड के मेंटेनेंस और कमर्शियल ऑपरेशन्स का जिम्मा केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को सौंपा गया है।

अतिरिक्त सुविधाएं: बिजली, सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक स्तर की जल आपूर्ति का नेटवर्क भी बिछाया जा चुका है।

पश्चिमी बंदरगाहों से सीधा जुड़ाव: घट जाएगी लॉजिस्टिक लागत

भौगोलिक दृष्टि से नांगल चौधरी की लोकेशन को बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के करीब होने और डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से जुड़े होने के कारण यह यार्ड सीधे देश के पश्चिमी तटों पर स्थित मुंद्रा और कांडला जैसे प्रमुख बंदरगाहों को कनेक्ट करेगा। लॉजिस्टिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस यार्ड के चालू होने से माल ढुलाई में लगने वाले समय और लागत में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।

निवेश का नया गढ़ बनेगा दक्षिण हरियाणा

स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से इसे ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है। अब तक महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जैसे जिले मुख्य रूप से कृषि या सीमित विनिर्माण पर निर्भर थे, लेकिन इस लॉजिस्टिक हब के चालू होने से यहां ऑटोमोबाइल, वेयरहाउसिंग, इलेक्ट्रॉनिक और टेक्सटाइल कंपनियों के बड़े इंवेस्टमेंट आने की पूरी उम्मीद है। सप्लाई चेन मजबूत होने से न केवल स्थानीय उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच बनेगी, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।

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