Breaking News
Narnaul News: नारनौल मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद सुस्त, एक हफ्ते में बिका सिर्फ 165 क्विंटल बाजराNangal Chaudhary News: ग्रामीण रूट की बस बंद होने छात्राओं की बढ़ी परेशानी, पांच किलोमीटर पैदल चलकर पहुंच रही स्कूलRashifal 9 October: सिंह और धनु राशि वालों का बढ़ेगा मान-सम्मान, जानिए बाकी राशियों का हालHaryana Liquor Smuggling Uttarakhand: देहरादून के हॉस्टलों में अवैध शराब की होम डिलीवरी, लॉ स्टूडेंट और उसकी मां चला रहे थे 10 करोड़ का रैकेटKarnal Congress Protest: करनाल में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा शहर, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ताNarnaul News: नारनौल मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद सुस्त, एक हफ्ते में बिका सिर्फ 165 क्विंटल बाजराNangal Chaudhary News: ग्रामीण रूट की बस बंद होने छात्राओं की बढ़ी परेशानी, पांच किलोमीटर पैदल चलकर पहुंच रही स्कूलRashifal 9 October: सिंह और धनु राशि वालों का बढ़ेगा मान-सम्मान, जानिए बाकी राशियों का हालHaryana Liquor Smuggling Uttarakhand: देहरादून के हॉस्टलों में अवैध शराब की होम डिलीवरी, लॉ स्टूडेंट और उसकी मां चला रहे थे 10 करोड़ का रैकेटKarnal Congress Protest: करनाल में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा शहर, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता

Mahendragarh Health Model: हरियाणा का पहला डिजिटल स्वास्थ्य जिला बनेगा महेंद्रगढ़, अस्पतालों की लाइनों से मिलेगी मुक्ति

AAmandeep Singh
Mahendragarh Health Model:  हरियाणा का पहला डिजिटल स्वास्थ्य जिला बनेगा महेंद्रगढ़, अस्पतालों की लाइनों से मिलेगी मुक्ति

76% लोगों की बनी आभा आईडी, अब महेंद्रगढ़ बनेगा पूरे प्रदेश के लिए डिजिटल हेल्थ मॉडल

शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

Mahendragarh Health Model: अस्पतालों की लंबी कतारों में धक्का-मुक्की और पर्ची बनवाने के लिए घंटों इंतजार करने की पुरानी तस्वीर अब बदलने जा रही है। हरियाणा सरकार की पहल पर महेंद्रगढ़ जिले को प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत डिजिटल स्वास्थ्य मॉडल जिला बनाने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के विजन के अनुरूप, जिले की पूरी चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए हाल ही में एक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया।

मेडिकल कॉलेजों और निजी संस्थानों को दिया गया प्रशिक्षण

विज्ञापन

राज्य मिशन निदेशक डॉ. वीरेन्द्र यादव की देखरेख में चले इस अभियान का मुख्य मकसद सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी मेडिकल संस्थानों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना था।

इसके तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के राज्य एचएमआईएस मैनेजर उमेश सैनी ने नारनौल पहुंचकर महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज, कोरियावास स्थित राव तुलाराम मेडिकल कॉलेज और पटीकरा के बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और कर्मचारियों को डिजिटल पंजीकरण का विशेष प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा, स्थानीय निजी अस्पतालों, लैब संचालकों और केमिस्टों से भी अपील की गई कि वे अपनी संस्थाओं का शत-प्रतिशत डिजिटल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।

आभा आईडी में आगे है महेंद्रगढ़, रिकॉर्ड रखना हुआ आसान

जिला स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार और उप सिविल सर्जन डॉ. पवन यादव ने बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य के मामले में महेंद्रगढ़ पहले से ही प्रदेश में आगे चल रहा है। जिले में अब तक लगभग 76 प्रतिशत लोगों की ‘आभा आईडी’ (Ayushman Bharat Health Account) बनाई जा चुकी है। इस यूनीक डिजिटल आईडी के बन जाने से मरीज का इलाज और पुरानी जांच रिपोर्ट सुरक्षित रहती है। मरीज जब भी किसी डॉक्टर के पास जाते हैं, तो अपनी सहमति से अपनी पूरी मेडिकल हिस्ट्री तुरंत साझा कर सकते हैं।

7 अगस्त को दिल्ली स्तर पर होगी बड़ी समीक्षा

प्रशासन की इस अनूठी पहल का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। आगामी 7 अगस्त को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, नई दिल्ली के अधिकारी महेंद्रगढ़ जिले में हुए इस डिजिटल कायाकल्प की समीक्षा करेंगे। यदि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहता है, तो सरकार इसी मॉडल को पूरे हरियाणा में लागू करेगी ताकि हर नागरिक को घर बैठे और अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू की गई ये आधुनिक तकनीकें इलाज की प्रक्रिया को बेहद आसान और कागज-मुक्त बनाती हैं:

स्कैन एंड रजिस्टर सुविधा

यह ठीक वैसी ही प्रक्रिया है जैसे आप किसी दुकान पर डिजिटल पेमेंट के लिए क्यूआर कोड स्कैन करते हैं।

कैसे काम करती है: अस्पताल के काउंटर पर लगे क्यूआर कोड को मरीज अपने स्मार्टफोन से स्कैन करते हैं।

फायदा: स्कैन करते ही मरीज का नाम, उम्र और पता सीधे अस्पताल के सर्वर में पहुंच जाता है। इससे पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती।

डिजिटल ओपीडी सेवा

यह पारंपरिक ओपीडी पर्ची सिस्टम का पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट रूप है।

कैसे काम करती है: डॉक्टर के पास जाने से पहले मरीज की डिजिटल पर्ची कंप्यूटर पर ही आभा आईडी से लिंक कर दी जाती है।

फायदा: मरीज की पुरानी बीमारियां, दवाइयां और टेस्ट रिपोर्ट डिजिटल रूप में सेफ रहती हैं। डॉक्टर एक क्लिक में मरीज की पूरी हिस्ट्री देखकर तुरंत बेहतर इलाज शुरू कर सकते हैं, जिससे फाइलें ढोने का झंझट खत्म हो जाता है।

यह भी पढ़ें– Haryana News: खराब पेट्रोल का वीडियो डाला तो मिलने लगीं धमकियां! पंजाबी सिंगर रेशम अनमोल ने दिखाई डिफेंडर के बिल की पर्ची

विज्ञापन

महेंद्रगढ़ की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।