Mahendragarh News: दक्षिण हरियाणा के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी में नवनिर्मित ‘इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब’ से पहली मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के रेल यार्ड और ट्रैक पर वाणिज्यिक परिचालन का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से सीधा संपर्क
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) और रेल मंत्रालय के उपक्रम ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (DFCCIL) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से सीधे जुड़े होने के कारण यह केंद्र उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को देश के बड़े समुद्री बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे न केवल कच्चे माल और तैयार माल की ढुलाई सस्ती होगी, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।
408 एकड़ में आकार ले रहा आधुनिक हब
परियोजना की तैयारियों का जायजा लेते हुए उपायुक्त अनुपमा अंजली ने तलोट, घाटाशेर और बसीरपुर स्थित आधुनिक रेलवे स्टेशन भवनों और लॉजिस्टिक परिसर का निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के प्रथम चरण के तहत 408 एकड़ क्षेत्र में रेल, सड़क, बिजली और जलापूर्ति से जुड़ा मजबूत ढांचा तैयार कर लिया गया है। मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही के लिए परिसर के भीतर लगभग 2 किलोमीटर लंबी चार समर्पित रेल पटरियां, दोहरे स्टेशन भवन और बड़े प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
दक्षिण हरियाणा का यह इलाका लंबे समय से बड़े औद्योगिक निवेश की राह देख रहा था। लॉजिस्टिक हब के चालू होने से अब यहां मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के आने का रास्ता साफ हो गया है। सीधे रेल कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे महेंद्रगढ़ और आसपास के जिलों के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे।
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