Mahendragarh News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने महेंद्रगढ़ जिले के कई प्रमुख कांग्रेसी नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया है। इस कार्रवाई की जद में आने वाले नेताओं में कांग्रेस के जिला प्रधान सतबीर झुकिया और कांग्रेस पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पराशर सहित कई अन्य नेता शामिल हैं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पुलिस दल सुबह से ही इन नेताओं के आवासों पर पहुंच गए। सतबीर झुकिया के घर पर ही धीरज शर्मा और सुंदर सोनी जैसे अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को भी नजरबंद कर दिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी हलचल मच गई है।
पुलिस ने जंतर-मंतर जाने से रोका
सतबीर झुकिया ने बताया कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया। इसके चलते वे और अन्य नेता निर्धारित समय पर दिल्ली नहीं पहुंच सके। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसे पूरी तरह से एहतियाती कदम माना जा रहा है।
लोकतंत्र में आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार- सतबीर झुकिया
नजरबंदी की इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतबीर झुकिया ने तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने और विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाना या किसी शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेना कोई अपराध है? उन्होंने इस कदम को लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों के सरासर खिलाफ बताया।
राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म
कांग्रेस नेताओं की इस तरह हुई अचानक नजरबंदी के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। बहरहाल, इस घटनाक्रम के बाद से जिले में सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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