Mahendragarh News: हकेवि महेंद्रगढ़ के इतिहास एवं पुरातत्त्व विभाग द्वारा विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर और माउंट आबू के शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार तथा मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान पीठ की अधिष्ठाता प्रो. पायल के. चंदेल ने विद्यार्थियों को रवाना करते हुए विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली अतीत का अध्ययन करने तथा ऐतिहासिक स्मारकों एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण उच्च शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को ऐतिहासिक स्थलों के प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव में बदलने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का अध्ययन विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ विरासत संरक्षण, ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समझ को भी मजबूत करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों का उपयोग अपने शैक्षणिक ज्ञान को समृद्ध करने में करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थी चित्तौड़गढ़ दुर्ग, उदयपुर का सिटी पैलेस तथा माउंट आबू स्थित प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर का भ्रमण करेंगे। इन ऐतिहासिक धरोहरों का प्रत्यक्ष अध्ययन विद्यार्थियों को इतिहास की घटनाओं, स्थापत्य शैलियों और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करेगा।
इस शैक्षणिक भ्रमण में इतिहास एवं पुरातत्त्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. तीरथराज भोई के साथ डॉ. अभिरंजन कुमार, डॉ. के. आर. पलसानिया तथा डॉ. नवजोत कौर शामिल हैं।
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