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Manesar Nagar Nigam: कागजों पर सफाई और करोड़ों का खेल! मानेसर निगम में भड़के पार्षद, मेयर ने मौके पर पुलिस बुलाई

AAmandeep Singh
Manesar Nagar Nigam: कागजों पर सफाई और करोड़ों का खेल! मानेसर निगम में भड़के पार्षद, मेयर ने मौके पर पुलिस बुलाई
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मानेसर। गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र मानेसर नगर निगम में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ चल रही पार्षदों की मुहिम रविवार को अखाड़े में तब्दील हो गई। दरअसल, पिछले काफी समय से शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन और पार्षदों को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी कड़ी में रविवार को मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव और ज्वाइंट कमिश्नर की मौजूदगी में कचरा उठाने वाले वाहनों और उनके स्टाफ की जमीनी हकीकत परखने के लिए एक विशेष जांच रखी गई थी। लेकिन यह प्रशासनिक जांच उस वक्त हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब टेंडर हासिल करने वाली निजी एजेंसी ‘पूजा कंसल्टेशन’ के प्रतिनिधि गौरव जोशी ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए मौके पर मौजूद पार्षदों के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज शुरू कर दी।

न जेब में लाइसेंस, न बदन पर वर्दी; सरेराह सुरक्षा से खिलवाड़

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मौके पर मौजूद पार्षदों ने जब ग्राउंड जीरो पर खड़े सफाई वाहनों और उनके ड्राइवरों के दस्तावेजों को खंगालना शुरू किया, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। भारी और कमर्शियल गाड़ियां दौड़ा रहे अधिकांश चालकों के पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) थे और न ही वे अपनी निर्धारित वर्दी में ड्यूटी पर मुस्तैद थे। बिना ट्रेनिंग और वैध दस्तावेजों के इन भारी वाहनों को सड़कों पर उतरवाना सीधे तौर पर मानेसर की जनता की जान से खिलवाड़ था। जब इस गंभीर लापरवाही को लेकर पार्षदों ने जवाबदेही तय करने की बात कही, तो सुधार करने या गलती मानने के बजाय एजेंसी प्रतिनिधि गौरव जोशी वकीलों और जन प्रतिनिधियों पर ही चिल्लाने लगा और उन्हें देख लेने की धमकी देने लगा।

कागजों पर दौड़ रहीं गाड़ियां; 4 करोड़ की मलाई डकारने का संगीन आरोप

इस गुंडागर्दी को देख अधिकारियों के सामने ही पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। वार्ड नंबर 19 के पार्षद रवि कुमार यादव सहित कई अन्य पार्षदों ने सीधे तौर पर सफाई एजेंसी के संचालकों, निगम के आला अधिकारियों और कुछ रसूखदार सफेदपोशों के बीच गहरे नेक्सस (सांठगांठ) का आरोप लगाया।

पार्षदों का संयुक्त आरोप:

“मानेसर में जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है, लेकिन कागजों में फर्जी गाड़ियां और फर्जी कर्मचारियों की फौज दिखाकर हर महीने करीब 60 प्रतिशत बजट, यानी तकरीबन 4 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान उठाया जा रहा है। वार्डों में जो इक्का-दुक्का गाड़ियां चल भी रही हैं, वे इतनी कबाड़ हो चुकी हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यह जनता के टैक्स के पैसे की खुली डकैती है।”

मेयर का कड़ा रुख; विजिलेंस जांच और FIR की मांग पर अड़े पार्षद

जनप्रतिनिधियों के इस तरह सरेआम हुए अपमान और एजेंसी की तानाशाही को देखते हुए मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने बीच-बचाव करने के बजाय सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन घुमाया और निगम कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। पुलिस की आमद के बाद किसी तरह धक्का-मुक्की को शांत कराया गया, लेकिन निगम मुख्यालय का माहौल अब भी बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।

अब सभी पार्षदों ने एक सुर में सरकार से इस पूरे टेंडर प्रक्रिया और भुगतान के खेल की उच्च स्तरीय विजिलेंस (सतर्कता विभाग) से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने वाले चालकों और बदसलूकी करने वाले गौरव जोशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूजा कंसल्टेशन एजेंसी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने का अल्टीमेटम दिया है।

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