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Manesar Violence News: मानेसर हिंसा का सनसनीखेज खुलासा: बाहरी गुंडों ने रची थी कंपनियों को पेट्रोल बम से उड़ाने की साजिश

AAmandeep Singh
मानेसर हिंसा का सनसनीखेज खुलासा: बाहरी गुंडों ने रची थी कंपनियों को पेट्रोल बम से उड़ाने की साजिश
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गुरुग्राम। मानेसर में बीते 9 अप्रैल को हुई हिंसा महज मजदूरों के गुस्से का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और खतरनाक साजिश काम कर रही थी। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने इस मामले में 6 ऐसे चेहरों को बेनकाब किया है, जिन्होंने मजदूरों के भेष में भीड़ में शामिल होकर आगजनी और पथराव की पटकथा लिखी थी। पुलिस के हाथ लगी आरोपियों की व्हाट्सएप चैट इस बात की तस्दीक करती है कि इनका मकसद वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि पेट्रोल बमों के जरिए मानेसर की कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचाना था।

मजदूरों को बनाया ढाल, खुद बने साजिश के सूत्रधार

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जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए इन 6 आरोपियों में से ज्यादातर का गुरुग्राम या यहां की किसी कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग रोहतक, जींद, उत्तराखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से खास तौर पर इस विरोध प्रदर्शन में ‘घी डालने’ का काम करने आए थे। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी लगातार श्रमिकों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में संदेश भेज रहे थे और उन्हें कंपनियों में आग लगाने, पुलिस पर पथराव करने और वाहनों को फूंकने के लिए उकसा रहे थे। चैट में बाकायदा पेट्रोल बम बनाने और उन्हें रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करने की चर्चा की गई थी।

6 राज्यों के कनेक्शन और व्हाट्सएप का ‘खतरनाक’ जाल

क्राइम ब्रांच द्वारा काबू किए गए आरोपियों की पहचान आकाश, हरीश चंद, पिंटू कुमार यादव, राजू सिंह, श्यामबीर और अजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जब 9 अप्रैल की सुबह हजारों श्रमिक अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे, तब इन बाहरी लोगों ने भीड़ के बीच घुसकर माहौल को हिंसक बनाया। जब पुलिस प्रशासन शांतिपूर्वक भीड़ को हटाने की कोशिश कर रहा था, तब इन्हीं लोगों ने पथराव शुरू करवाया, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।

अब ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश, मोबाइल लैब भेजे गए

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक लैब भेज दिए हैं। पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि अब इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर ये बाहरी लोग किसके इशारे पर मानेसर पहुंचे थे? क्या इन्हें किसी संगठन या प्रतिद्वंद्वी समूह की फंडिंग मिल रही थी? फिलहाल, इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किए गए 55 लोगों को जमानत न मिलने के कारण जेल भेजा जा चुका है। सोमवार को इन नए 6 आरोपियों की कोर्ट में पेशी होनी है, जिसके बाद पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर साजिश की अगली कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।

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