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Manesar Lathicharge Case: मानेसर लाठीचार्ज: 56 मजदूरों की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने भेजा जेल

AAmandeep Singh
मानेसर लाठीचार्ज: 56 मजदूरों की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने भेजा जेल
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मानेसर। औद्योगिक केंद्र मानेसर में पिछले दिनों वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुआ मजदूरों का प्रदर्शन अब कानूनी पेचीदगियों में फंस गया है। पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़प और लाठीचार्ज के मामले में गिरफ्तार किए गए 56 मजदूरों को शनिवार को गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष की तमाम दलीलों के बावजूद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी मजदूरों की जमानत अर्जी सिरे से खारिज कर दी। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है।

दो अलग-अलग FIR में फंसा मजदूरों का पेंच

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गुरुग्राम पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। मानेसर थाने में इस मामले को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर (नंबर 94 और 95) दर्ज की गई हैं। इन प्राथमिकियों में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस टीम पर हमला करने और अवैध रूप से जाम लगाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का दावा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा था।

सैलरी की मांग से शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, यह पूरा विवाद पिछले कई दिनों से सैलरी में इंक्रीमेंट की मांग को लेकर चल रहा था। संबंधित कंपनी के कर्मचारी वेतन विसंगतियों को लेकर हड़ताल पर थे। प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उन पर लाठीचार्ज किया, जबकि पुलिस का तर्क है कि मजदूरों ने कानून हाथ में लेने की कोशिश की और भारी संख्या में एकत्र होकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया था। इसी खींचतान के बीच हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी और मजदूर घायल भी हुए थे।

पुलिस की धरपकड़ जारी, अन्य संदिग्ध रडार पर

56 मजदूरों को जेल भेजने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई थमी नहीं है। मानेसर और आसपास के औद्योगिक इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। अभी भी कई अन्य कर्मचारी पुलिस हिरासत में हैं जिनसे पूछताछ का दौर जारी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में औद्योगिक शांति भंग नहीं होने दी जाएगी और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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