Meri Dukan Mere Naam Scheme Punjab : पंजाब के लाखों छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए दिवाली का त्योहार इस बार बड़ी सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गुरुवार को ‘मेरी दुकान, मेरे नाम’ योजना की औपचारिक शुरुआत की। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की घोषणा की। योजना के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों की दुकानों पर सालों से काबिज दुकानदारों को मालिकाना हक दिया जाएगा।
12 साल पुराने कानूनी कब्जे वाले दुकानदार ही होंगे पात्र
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस योजना का लाभ उन दुकानदारों को मिलेगा जो 1 अप्रैल 2020 से पहले कम से कम 12 वर्षों से कानूनी रूप से दुकान चला रहे हैं। पात्र व्यापारी 6 नवंबर 2026 तक अपने स्थानीय निकाय कार्यालयों में आवेदन जमा करवा सकते हैं। प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवेदनों की जांच एसडीएम स्तर की कमेटी करेगी, जबकि दुकान की कीमत का निर्धारण डीसी स्तर की कमेटी द्वारा किया जाएगा।
कलेक्टर रेट में 87.5 फीसदी तक छूट, जानें किसे कितना देना होगा
सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के दुकानदारों का विशेष ध्यान रखते हुए कलेक्टर रेट में बड़ी राहत दी है। 50 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाली दुकानों के लिए आय के हिसाब से रियायती दरें तय की गई हैं। 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले आवेदकों को कलेक्टर रेट का केवल 12.5 प्रतिशत ही चुकाना होगा। वहीं 3 से 8 लाख रुपये आय वाले एलआईजी वर्ग को 25 प्रतिशत, 8 से 15 लाख आय वाले एमआईजी वर्ग को 50 प्रतिशत और 15 लाख से अधिक आय वालों को 100 प्रतिशत दर देनी होगी।
सब-टेनेंट और सार्वजनिक जमीनों पर कब्जों को नहीं मिलेगी मंजूरी
योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने दो सख्त शर्तें भी जोड़ी हैं। स्थानीय निकाय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सब-टेनेंट यानी किराएदार के आगे किराए पर दुकान चलाने वालों को यह अधिकार नहीं मिलेगा। इसके अलावा पार्कों, गलियों या सार्वजनिक सुविधाओं की जगहों पर किए गए अवैध कब्जों को योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया है। आवेदन प्रक्रिया को सरल रखते हुए बिजली का बिल, जीएसटी नंबर या वोटर कार्ड जैसे सामान्य दस्तावेज अनिवार्य रखे गए हैं।
दुकानदारों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा और आत्मसम्मान: बैंस
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर छोटे दुकानदार को कानूनी सुरक्षा और आत्मसम्मान देना है। सालों से अनिश्चितता के साए में किराए की दुकानों पर व्यापार कर रहे लोगों को अब अपनी ही संपत्ति का असली मालिक बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह फैसला पंजाब के व्यापारिक ढांचे को मजबूत करेगा और छोटे कारोबारियों का सरकार पर विश्वास और गहरा करेगा।

